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तबादले के बाद PRO का पद खाली, डिप्टी CM अरुण साव से मिले पत्रकार, सहायक संचालक सुजीत सिंह को मुंगेली में यथावत रखने की मांग

मुंगेली। मुंगेली के सहायक संचालक जनसंपर्क सुजीत कुमार सिंह के स्थानांतरण के बाद उन्हें मुंगेली में ही यथावत रखने की मांग तेज हो गई है। जनसंपर्क विभाग द्वारा हाल ही में किए गए स्थानांतरण के तहत सुजीत सिंह का तबादला मुंगेली से रायगढ़ कर दिया गया है। उनके स्थान पर मुंगेली में फिलहाल किसी नए जनसंपर्क अधिकारी की पदस्थापना नहीं की गई है। ऐसे में स्थानीय पत्रकारों ने इस स्थानांतरण को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात कर सुजीत सिंह को मुंगेली में ही यथावत रखने की मांग की है।
पत्रकारों का कहना है कि मुंगेली में जनसंपर्क अधिकारी के तौर पर सुजीत सिंह के कार्यकाल में जिला प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय बना हुआ था। शासन की योजनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों और जिला स्तर पर होने वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी मीडिया तक पहुंचाने में भी व्यवस्था सुचारू रही। ऐसे में उनके तबादले के बाद तत्काल किसी वैकल्पिक अधिकारी की पदस्थापना नहीं होने से यह व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
पत्रकारों ने सीधे डिप्टी CM के सामने रखी मांग
सुजीत सिंह के स्थानांतरण के बाद मुंगेली के पत्रकारों ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराया। पत्रकारों ने उनसे मांग की कि मुंगेली में फिलहाल जनसंपर्क अधिकारी का पद खाली है, इसलिए सुजीत कुमार सिंह को रायगढ़ स्थानांतरित करने के बजाय मुंगेली में ही यथावत रखा जाए।पत्रकारों ने यह भी बताया कि सुजीत सिंह के कार्यकाल में प्रशासन और पत्रकारों के बीच संवाद और समन्वय बेहतर रहा। जिले में शासन की योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं समय पर मीडिया को उपलब्ध होती रही हैं। पत्रकारों का मानना है कि ऐसे अधिकारी को अचानक दूसरे जिले में भेजे जाने से मुंगेली की जनसंपर्क व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। हालांकि डिप्टी सीएम ने जनसंपर्क आयुक्त से इस मसले पर चर्चा कर पत्रकारों की मांग पर निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।
तबादले के बाद मुंगेली में PRO का पद खाली
जनसंपर्क विभाग के 19 अगस्त 2026 के स्थानांतरण आदेश के अनुसार सुजीत कुमार सिंह का स्थानांतरण जिला जनसंपर्क कार्यालय मुंगेली से जिला जनसंपर्क कार्यालय रायगढ़ किया गया है। विभाग ने एक साथ बड़ी संख्या में जनसंपर्क अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसी क्रम में मुंगेली के सुजीत सिंह को रायगढ़ भेजा गया है।लेकिन सुजीत सिंह के स्थानांतरण के बाद मुंगेली में किसी नए जनसंपर्क अधिकारी की पदस्थापना नहीं की गई। यही वजह है कि पत्रकारों की मांग अब और महत्वपूर्ण हो गई है कि जब मुंगेली में अधिकारी की जरूरत है और फिलहाल पद खाली है, तो सुजीत सिंह को यथावत रखकर व्यवस्था को जारी रखा जाए।
शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी असर की चिंता
मुंगेली में जनसंपर्क अधिकारी का पद केवल मीडिया को प्रेस विज्ञप्तियां उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। शासन की योजनाओं, मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं, जिला प्रशासन के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में जनसंपर्क विभाग महत्वपूर्ण कड़ी है।ऐसे में अधिकारी के स्थानांतरण के बाद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार और प्रशासनिक गतिविधियों की मीडिया कवरेज को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों का कहना है कि यदि किसी अनुभवी अधिकारी की सेवाएं मुंगेली में जारी रहती हैं तो शासन और प्रशासन की योजनाओं को जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने में मदद मिलेगी।
मुंगेली के राजनीतिक महत्व को देखते हुए अहम मांग
मुंगेली जिला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और द्वय विधायक पुन्नूलाल मोहले, धरम लाल कौशिक सहित कई प्रमुख नेताओं का क्षेत्र मुंगेली से जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार की योजनाओं और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप किए जा रहे विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए प्रभावी जनसंपर्क व्यवस्था को जरूरी माना जा रहा है। इसी वजह से पत्रकारों ने डिप्टी CM अरुण साव के सामने सुजीत सिंह को मुंगेली में ही यथावत रखने की मांग को प्रमुखता से रखा है।
अब शासन के निर्णय का इंतजार
फिलहाल सुजीत कुमार सिंह का स्थानांतरण रायगढ़ किया जा चुका है, लेकिन मुंगेली में नए जनसंपर्क अधिकारी की पदस्थापना नहीं हुई है। ऐसे में पत्रकारों की मांग है कि स्थानांतरण आदेश पर पुनर्विचार करते हुए सुजीत सिंह को मुंगेली में ही यथावत रखा जाए।अब देखना होगा कि शासन पत्रकारों की इस मांग पर क्या निर्णय लेता है। सुजीत सिंह को मुंगेली में यथावत रखा जाता है या उनकी जगह किसी नए अधिकारी की पदस्थापना की जाती है, इस पर अब जिले के पत्रकारों और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।