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दुर्ग डायरी: 42 महीनों में 1868 खुदकुशी, 1277 मामलों में वजह ही नहीं खोज पाई पुलिस…

भिलाईनगर। आत्महत्या के मामलों में बीते कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जिले में बीते तीन वर्षों में 1566 लोगों ने अपनी जान खुद ले ली। यानी औसतन प्रतिवर्ष 522 लोगों ने खुदकुशी की। इस वर्ष 6 माह के अंदर ही आंकड़ा 302 तक पहुँच गया। आत्महत्या के आंकड़े बताते हैं कि घरेलु विवाद आत्महत्या की बड़ी वजह है। खास बात यह है कि प्रेम प्रसंग में आत्महत्या के आंकड़े सबसे कम हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2023 में जिले में 506 लोगों ने आत्महत्या की थी। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 508 हो गई। इसके बाद वर्ष 2025 में 552 लोगों ने आत्महत्या की, जो पिछले वर्षों की तुलना में सबसे अधिक रही। वहीं वर्ष 2026 के पहले 6 महीनों में ही 302 मामले दर्ज हो चुके हैं।
सबसे डरावना पहलू यह है कि पुलिस और जांच एजेंसियां इनमें से 1244 (करीब 70 प्रतिशत) मामलों में आत्महत्या की असल वजह तक नहीं पहुंच सकीं हैं। वर्ष 2023 में 311, वर्ष 2024 में 415, वर्ष 2025 में 361 और वर्ष 2026 में जून तक 190 मामलों में आत्महत्या की वजह सामने नहीं आ सकी है। इसके बावजूद जिन कारणों का पता चला है, उनमें घरेलू विवाद सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है। 42 महीनों में 225 लोगों ने पारिवारिक कलह और घरेलू तनाव के कारण अपनी जान दी। आंकड़े बताते हैं कि यदि यही रफ्तार बनी रही तो इस वर्ष आत्महत्या का आंकड़ा नया रिकॉर्ड बन सकता है।
नशाखोरी और आर्थिक तंगी बड़ी वजह
आंकड़ो के मुताबिक, नशाखोरी की वजह से बीते तीन वर्ष व 6 महीनों में कुल 106 लोगों ने जान दी। इसमें वर्ष 2023 में 29 वर्ष 2024 में 12, वर्ष 2025 में 29 और इस वर्ष के बीते 6 महीनों में 36 लोगों ने जान दी। वहीं आर्थिक तंगी से परेशान कुल 72 लोगों ने जान गंवाई। 2023 में 24,2024 में 13, 2025 में 31 और 2026 में 5 ने यह खौफनाक कदम उठाया।
मोबाइल के लिए डांट भी बन रही जानलेवा
आंकड़ों में एक नया और बेहद गंभीर पहलू बच्चों और युवाओं से जुड़ा है। मोबाइल देखने से मना करने एवं पढ़ाई करने पर डांटने से आत्महत्या करने के मामले तेजी से बढ़े हैं। वर्ष 2023, 2024 और 2025 में जहां हर वर्ष 1-1 ऐसा मामला सामने आया था। वहीं 2026 के शुरुआती 6 महीनों में ही ऐसे 5 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। यह माता-पिता के लिए एक सीधा अलर्ट है कि बच्चों के साथ काउंसलिंग और संवाद का तरीका बदलना होगा। प्रेम प्रसंग में विफलता या अन्य कारणों से भी 2023 से 2026 के बीच कुल 7 युवाओं ने अपनी जान गंवाई है।
देखिए आंकड़ें –
| वर्ष | घरेलू विवाद | मानसिक रोगी | मानसिक अशांति | प्रेम प्रसंग | स्वास्थ्यगत कारण | नशाखोरी | आर्थिक तंगी | मोबाइल व ड्रग | अज्ञात | कुल |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 2023 | 81 | 11 | 9 | 1 | 39 | 29 | 24 | 1 | 311 | 506 |
| 2024 | 53 | 0 | 1 | 2 | 11 | 12 | 13 | 1 | 415 | 508 |
| 2025 | 64 | 16 | 22 | 2 | 26 | 29 | 31 | 1 | 361 | 552 |
| जून 2026 | 27 | 7 | 9 | 2 | 21 | 36 | 5 | 5 | 190 | 302 |