जब पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा जय जोहार, जय छत्तीसगढ़…भोले नाथ के नारों से गूंज उठा पंडाल, जब तक भगवान शिव झोली न भर दें तब तक दरवाजा छोडऩा मत- पंडित प्रदीप मिश्रा
रायपुर। फलाहार का त्याग कर उपवास करना ही उपवास नहीं कहलाता है बल्कि निंदा करने से रोकना व निंदा ना सुनना भी उपवास है। अमीर...