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स्मार्ट मीटर के नाम पर फर्जीवाड़ा प्रमाणित – डॉ. चरणदास महंत – उपकरण बंद होने पर भी दौड़ रहे मीटर – तकनीकी खामी नहीं, सुनियोजित गड़बड़ी, तत्काल प्रभाव से बदले जाएं स्मार्ट मीटर।

2 months ago
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रायपुर, 07 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटर के नाम पर प्रमाणित फ़र्ज़ीवाड़ा का दस्तावेज सौपा है।

डॉ. महंत ने प्रदेश भर में लगाए जा रहे तथाकथित स्मार्ट मीटरों में सामने आ रहे भारी फर्जीवाड़े और उपभोक्ताओं पर थोपे जा रहे बेतहाशा बिजली बिलों को लेकर राज्य सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ कड़ा प्रतिकार दर्ज कराया है। डॉ. महंत ने इसे “स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता की जेब पर खुला डाका” करार दिया है।

साक्ष्यों के साथ उजागर हुआ खेल.. डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा प्रदेश के जिलों और नगरीय निकायों में आनन-फानन में स्मार्ट मीटर थोपे जा रहे हैं। जब से ये मीटर लगे हैं, तब से आम उपभोक्ताओं के बिजली बिल 2 से 4 गुना तक बढ़ चुके हैं। हजारों उपभोक्ताओं ने लिखित और प्रमाणित साक्ष्यों के साथ शिकायतें दर्ज कराई हैं। कई मामलों में तो उपभोक्ताओं ने घर के सारे उपकरण बंद रखकर भी मीटर की तेज रफ्तार रीडिंग को वीडियो व अन्य माध्यमों से प्रमाणित किया है। बंद घरों में भी यूनिटों का अंधाधुंध बढ़ना यह साबित करता है कि यह केवल सामान्य तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में किया गया गंभीर फर्जीवाड़ा है।

नेता प्रतिपक्ष ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, महंगाई की मार झेल रही जनता पर दोहरा प्रहार है,”प्रदेश का गरीब, किसान और मध्यम वर्ग पहले से ही कमरतोड़ महंगाई और बढ़ी हुई बिजली दरों से त्रस्त है। ऐसे में ‘पारदर्शिता’ का ढोंग रचकर स्मार्ट मीटरों के जरिए जनता पर फर्जी बिलों का असहनीय बोझ लाद दिया गया है। जब पीड़ित उपभोक्ता शिकायत लेकर जाते हैं, तो बिजली विभाग के स्थानीय अधिकारी गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाकर उन्हें टरका रहे हैं, विभाग का यह संवेदनहीन रुख असहनीय है।

डॉ. महंत ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने तत्काल प्रभाव से टेस्टिंग शुल्क समाप्त नहीं किया और स्मार्ट मीटरों की लूट पर लगाम नहीं लगाई, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर बिजली कार्यालयों का घेराव करेगी और सड़क से लेकर विधानसभा तक उग्र आंदोलन छेड़ेगी।

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