- Home
- Chhattisgarh
- मुख्यमंत्री साय का प्रभावी नेतृत्व : स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति, मजबूत हो रही अधोसंरचना
मुख्यमंत्री साय का प्रभावी नेतृत्व : स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति, मजबूत हो रही अधोसंरचना

रायपुर. विकास के नए युग में प्रवेश करने वाले छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बहुत कुछ स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे व्यापक सुधारों पर टिकी हुई है. इस बड़े परिवर्तन की धुरी बने हुए हैं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय. मुख्यमंत्री की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को नई दिशा, नई ऊंचाई और गति प्रदान की है. प्रदेश के मुखिया का स्पष्ट मानना है कि “स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ का आधार है,” और अपने इसी विचार को आकार देने के लिए राज्य की साय सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है.
हाल ही के दिनों में रायपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में 103 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की शुरुआत इस दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक पहल है. इन परियोजनाओं में शामिल हैं आधुनिक सर्जिकल विंग, कैंसर संस्थान का विस्तार, छात्र-छात्राओं के लिए अत्याधुनिक छात्रावास, चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर जैसी सुविधाएं. राज्य सरकार का यह प्रयास चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ चिकित्सा शिक्षा के स्तर को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला साबित होगा.
साबित हो रही है छत्तीसगढ़ कि साय सरकार संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी घोषणाओं से ऊपर उठकर जनता की आवश्यकताओं को समझकर उन्हें धरातल पर उतारने में विश्वास रखते हैं. मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के द्वारा की गई छात्रावास की मांग को गंभीरता से लेते हुए उस पर त्वरित क्रियान्वयन का किया जाना इस बात का सजीव उदाहरण है कि राज्य सरकार पर्याप्त संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी है.

प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल शहरी क्षेत्रों के अलावा बस्तर, सरगुजा और कबीरधाम जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है. प्रदेश के मुख्यमंत्री साय के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर लाखों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार कर रही है. सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है डायलिसिस जैसी जटिल सेवाओं का इन क्षेत्रों में उपलब्ध होना. छत्तीसगढ़, साय सरकार की यह पहल उन लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है जो पहले मूलभूत चिकित्सा सुविधाओं से भी वंचित रहते थे.
स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ रही है पारदर्शिता
राज्य में 1046 अस्पतालों में 133 प्रकार की स्वास्थ्य जांचों का निःशुल्क किया जाना एक क्रांतिकारी कदम है. इसके अलावा इन जांचों की रिपोर्ट को व्हाट्सएप और मैसेज के माध्यम से सीधे मरीजों तक पहुंचाने की सेवा भी की जा रही है. इस सुविधा को डिजिटल भारत की दिशा में एक सशक्त कदम मान सकते हैं. स्वास्थ्य विभाग की इस सेवा से उसकी पारदर्शिता भी बढ़ी है और आम नागरिकों का समय और संसाधन भी बच रहा है.
स्वास्थ्य की दिशा में आधुनिकता के साथ परंपरा को भी समान महत्व देती है राज्य सरकार
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अभूतपूर्व और दूरदर्शिता पूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है. राज्य को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं जैसे जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना, पांच नए मेडिकल कॉलेजों की योजना, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी कॉलेजों का विस्तार.आधुनिकता के साथ परंपरा को भी समान महत्व देने के लिए राज्य की साय सरकार ने योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देते हुए 100 बिस्तरों वाले अस्पताल और रिसर्च सेंटर का निर्माण किया गया है.

छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ में नए शासकीय मेडिकल कॉलेज के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमबीबीएस (MBBS) की 50 सीटों की मंजूरी दे दी गई है. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा राज्य के 5 नए मेडिकल कॉलेजों के साथ इसकी भी घोषणा की गई है.
केंद्र के सहयोग से भी रफ़्तार पा रही राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं

स्वास्थ्य की दिशा में केंद्र सरकार से मिलने वाले सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए है मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रभाव और छत्तीसगढ़ को मिल रहा सहयोग, राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है. डीएम कार्डियक कोर्स की स्वीकृति और भविष्य में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की संभावनाएं इस सहयोग का प्रमाण हैं.”
दिखाई दे रही है साय सरकार की सक्रियता और प्रतिबद्धता
राज्य में लंबित मेडिकल कॉलेजों, कोरबा, कांकेर और महासमुंद के निर्माण कार्यों को फिर से आरम्भ किया जा रहा है. साथ ही बिलासपुर स्थित सिम्स के उन्नयन जैसे कार्य से सरकार की सक्रियता और प्रतिबद्धता दिखाई दे रही है. जगदलपुर में दूसरे बड़े हार्ट सेंटर की स्थापना से उम्मीद की जा रही है कि आदिवासी क्षेत्रों में हृदय रोगियों को बेहतर उपचार मिल सकेगा.
मेडिकल विद्यार्थियों से भी लिया जा रहा प्रदेश में सेवा का संकल्प
मेडिकल के विद्यार्थियों से प्रदेश के हर कोने में अपनी सेवाएं देने का संकल्प लेंने का आह्वान करना मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मात्र एक अपील नहीं है बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराने वाली प्रेरणा भी है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश, स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति की ओर बढ़ रही है. डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार, अधोसंरचना विकास जैसी पहल, एक ऐसे छत्तीसगढ़ का निर्माण कर रही हैं, जहां हर इकाई व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सके. राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का विकास एक समर्पित नेतृत्व की वह यात्रा है जो हर नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है.