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CG Weather Update : बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम होगा तैयार, छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिन तक भारी बारिश की संभावना

3 hours ago
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रायपुर. छत्तीसगढ़ के मौसम फिर करवट लेने वाला है. मानसूनी की एक्टिविटी तेज होने की संभावना बन रही है. अगले चार दिनों तक उत्तरी इलाकों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने के असर हैं. प्रदेश में मंगलवार को कई क्षेत्रों में बारिश हुई, जबकि बिलासपुर जिले के बोदरी में सबसे ज्यादा 7 सेमी वर्षा दर्ज की गई. मौसमी वर्षा सामान्य से 7 प्रतिशत कम रही है.

जगदलपुर और दुर्ग में 32.6 डिग्री सेल्सियस

मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में मंगलवार को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई. इस दौरान सबसे ज्यादा तापमान जगदलपुर और दुर्ग में 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं पेंड्रा में सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?

राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में आज आसमान में बादल छाए रह सकते हैं. बादल गरजने-चमकने के साथ बारिश की सम्भावना है. अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है.

कहां कितनी हुई बारिश ?

वर्षा के मुख्य आंकड़ों के अनुसार बोदरी में 7 सेमी, बिलासपुर, सकरी और पथरिया में 5-5 सेमी बारिश दर्ज की गई. कुमरदा, दुलदुला, मरीं बंगला देवरी, गोबरा नवापारा और तखतपुर में 4-4 सेमी वर्षा हुई. बैकुंठपुर, डोंडीलोहारा, बिल्हा, लालपुर थाना, कोटा और मुंगेली में 3-3 सेमी बारिश दर्ज की गई. वहीं छिंदगढ़, भाटापारा, अर्जुन्दा, मस्तूरी, राजिम, छुरा, भाखरा, छुरिया, दाढ़ी, पचपेड़ी, अंबागढ़ चौकी में 2-2 सेमी वर्षा हुई. नांदघाट, कुरूद, गुरूर, चिरमिरी, पाटन, रामचंद्रपुर, गुंडरदेही, धमतरी, बलरामपुर, डोंगरगांव, नवागढ़, बरमकेला और अभनपुर में 1-1 सेमी बारिश दर्ज की गई.

बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया सिस्टम!

मौसम विभाग ने बताया कि  मॉनसून द्रोणिका बीकानेर, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र, सीधी, रांची, दीघा और वहां से दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में फिलहाल ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसी के प्रभाव से उसी क्षेत्र में आज निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. यह नया सिस्टम आने दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ा सकता है.

 

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