कम रिस्क के साथ चाहते हैं FD से ज्यादा रिटर्न तो फ्लेक्सी-कैप फंड में लगाएं पैसा, जानें इससे जुड़ी खास बातें
20 फरवरी 2022/ कई लोग फिक्स्ड डिपॉजिट से ज्यादा रिटर्न पाने के लिए शेयर बाजार की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन अगर आपको शेयर बाजार की सीमित जानकारी है तो आप म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। आप म्यूचुअल फंड के फ्लेक्सी-कैप फंड में निवेश कर सकते हैं। इस कैटेगिरी ने कोरोना काल में भी शानदार रिटर्न दिया है। हम आपको आज फ्लेक्सी कैप फंड्स के बारे में बता रहे हैं।
सबसे पहले समझें फ्लेक्सी कैप फंड क्या है?
जैसा कि नाम से ही पता चल जाता है, फ्लेक्सी कैप एक इक्विटी म्यूचुअल फंड होता है जिसके पास निवेश करने के लिए लचीलापन होता है। इसमें फंड मैनेजर अपने हिसाब से निवेशक का पैसा स्मॉल, मिड या लार्ज कैप में निवेश करते हैं। इसमें फंड मैनेजर इस बात के लिए बाध्य नहीं रहता है कि उसे किस फंड कैटेगिरी में कितना निवेश करना है। यदि आप एक ऐसा फंड चाहते हैं जिसमें कम रिस्क हो तो आप फ्लेक्सी कैप फंड में निवेश कर सकते हैं।
इनमें लम्बे समय के लिए निवेश करना सही
पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट और ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के संस्थापक व सीईओ पंकज मठपाल कहते हैं कि इन स्कीम्स में कम से कम 5 साल के टाइम पीरियड को ध्यान में रख कर निवेश करना चाहिए। हो सकता है कम अवधि में कैटेगिरी का प्रदर्शन अच्छा न हो लेकिन लम्बी अवधि में ये आपको बेहतर रिटर्न दे सकते हैं।
SIP के जरिए निवेश करना रहेगा सही
रूंगटा सिक्योरिटीज के CFP और पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट हर्षवर्धन रूंगटा कहते हैं कि म्यूचुअल फंड में एक साथ पैसा लगाने की बजाए सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP द्वारा निवेश करना चाहिए। SIP के जरिए आप हर महीने एक निश्चित अमाउंट इसमें लगाते हैं। इससे रिस्क और कम हो जाता है क्योंकि इस पर बाजार के उतार चढ़ाव का ज्यादा असर नहीं पड़ता।
कितना देना होता है टैक्स?
12 महीने से कम समय में निवेश भुनाने पर इक्विटी फंड्स से कमाई पर शार्ट टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) टैक्स लगता है। यह मौजूदा नियमों के हिसाब से कमाई पर 15% तक लगाया जाता है। अगर आपका निवेश 12 महीनों से ज्यादा के लिए है तो इसे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) माना जाएगा और इस पर 10% ब्याज देना होगा।
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