• Chhattisgarh
  • विधानसभा : अलदा में फर्जी प्रस्तावों से उद्योग स्थापना और नामजद FIR न होने पर सवाल, मंत्री के जवाब से असतुंष्ट विपक्ष ने किया वॉक आउट

विधानसभा : अलदा में फर्जी प्रस्तावों से उद्योग स्थापना और नामजद FIR न होने पर सवाल, मंत्री के जवाब से असतुंष्ट विपक्ष ने किया वॉक आउट

10 hours ago
28

रायपुर। विधानसभा में गुरुवार को फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों के आधार पर उद्योग स्थापना को लेकर जोरदार हंगामा हुआ. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने  सरकार से दोषियों पर कार्रवाई और कंपनियों को आवंटित जमीन निरस्त करने की मांग की. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

भूपेश बघेल ने ग्राम अल्दा और देवरी-घुलघुल में उद्योग स्थापना के लिए कथित फर्जी ग्रामसभा प्रस्तावों का मुद्दा उठाया.
सरकार ने बताया कि दोनों कंपनियों ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से जल एवं वायु अधिनियम के तहत सहमति के लिए आवेदन ही नहीं किया, इसलिए मंडल को ग्रामसभा प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए.

सरकार ने स्वीकार किया कि ग्राम अल्दा के प्रस्ताव में जालसाजी की शिकायत की जांच त्रि-सदस्यीय समिति ने की थी. जांच में पाया गया कि ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया था, जबकि कार्यवाही पंजी की अंतिम दो पंक्तियां किसने लिखीं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है.

सरकार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर 22 जून 2026 को थाना तिल्दा-नेवरा में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. सरकार ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने संबंधित परियोजनाओं को पर्यावरणीय स्वीकृति जारी नहीं की है.

भूपेश बघेल ने पूछा कि क्या सरपंच-सचिव पर कार्रवाई होगी? बालाजी स्पंज एवं आयरन लिमिटेड और अग्रसेन स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित जमीन निरस्त की जाएंगी. पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पुलिस विवेचना कर रही है, जांच के निष्कर्ष के आधार पर दोषियों और कंपनियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया.

Social Share

Advertisement