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शहरी इलाकों से आई कांग्रेस के लिए अच्छी खबर, ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा का पलड़ा भारी

9 hours ago
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छत्तीसगढ़ स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा का पलड़ा भारी रहा है। पांच नगर पंचायतों में से तीन पर भाजपा और दो पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। वहीं 71 पार्षद सीटों में भाजपा को 39 और कांग्रेस को 30 सीटें मिलीं। इस कड़े मुकाबले के बीच दोनों ही दलों ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए हैं।

रायपुर। नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के उपचुनाव व आम चुनाव के नतीजों ने राज्य की सियासत में एक बार फिर कड़ा मुकाबला दिखाया है। स्थानीय सरकार चुनने के लिए हुए इस सियासी दंगल में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पलड़ा भारी रहा, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी कई सीटों पर कड़ी टक्कर दी। प्रदेश की पांच नगर पंचायतों में से तीन पर भाजपा ने जीत दर्ज की है, जबकि दो सीटों पर कांग्रेस को सफलता मिली है। विभिन्न निकायों में पार्षदों की 71 सीटों के लिए हुए मतदान में भाजपा ने 39 वार्डों पर कब्जा जमाया, वहीं कांग्रेस 30 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही। दो वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी।

शहरी इलाकों में कांग्रेस के उभार से भाजपा की चिंता बढ़ी

राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि भाजपा का भले ही इस चुनाव में पलड़ा भारी रहा लेकिन शहरी इलाकों में कांग्रेस ने जिस तरह से कड़ी टक्कर दी है उसने भाजपा में बेचैनी बढ़ा दी है। भाजपा की तरफ से तमाम नेता , मंत्री विधायक व सांसदों ने भी चुनाव में ताकत लगा रखी थी। उपमुूख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी सहित अन्य मंत्रियों ने भी अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्याशी के पक्ष में जमकर प्रचार-प्रसार भी किया था।

नगर पंचायतों में कांटे की टक्कर

राज्य चुनाव आयोग के चार जून को जारी परिणाम के मुताबिक, भाजपा ने जांजगीर-चांपा जिले की बम्हनीडीह, सूरजपुर की शिवनंदनपुर और कबीरधाम जिले की सहसपुर लोहारा नगर पंचायत के अध्यक्ष पद पर बड़ी जीत हासिल की है। वहीं, राजनांदगांव की घुमका और बालोद जिले की पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस के अध्यक्ष प्रत्याशी विजयी रहे। सहसपुर-लोहारा में पूर्व अध्यक्ष संतोष मिश्रा के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी और भाजपा प्रत्याशी सरिता मिश्रा ने करीब 754 मतों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बम्हनीडीह में भाजपा के राकेश कुमार डडसेना विजयी रहे, जहां पार्टी को एकतरफा 60 फीसदी वोट मिले। शिवनंदनपुर से भाजपा के रितेश जायसवाल ने 362 वोटों से जीत हासिल की। इसके अलावा जशपुर, रायगढ़, मुंगेली और कोण्डागांव के विभिन्न वार्डों में भी भाजपा पार्षदों ने जीत का परचम लहराया।

मतदान का प्रतिशत और संगठन की रणनीति

एक जून को ईवीएम के जरिए हुए शहरी निकाय चुनावों में रिकार्ड 84.58 प्रतिशत और मतपत्रों से हुए त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों में 78.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। त्रि-स्तरीय पंचायतों में कुल 1,228 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी की गई।

भाजपा-कांग्रेस ने लिया जीत का श्रेय

बम्हनीडीह के चुनाव प्रभारी अनुराग सिंहदेव ने इसे सनातन विरोध पर जनता का जवाब बताया, वहीं शिवनंदनपुर के प्रभारी रजनीश सिंह और सहसपुर लोहारा के प्रभारी केदारनाथ गुप्ता ने इसे कांग्रेस की अंतर्कलह और भाजपा के विकासोन्मुखी शासन की जीत करार दिया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किरण देव ने इस जनादेश के लिए मतदाताओं और देवतुल्य कार्यकर्ताओं का आभार जताया है। इधर, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश के शहरों और गांवों की जनता ने भाजपा को नकार दिया। उनका दावा है कि पंचायतों के उपचुनाव के विभिन्न पदों पंचों, जनपदों में कांग्रेस के 543 समर्थित प्रतिनिधि चुनाव जीते है। जगदलपुर, बिलासपुर, कांकेर निगम के वार्डों में कांग्रेस के प्रत्याशी चुनाव जीते है। अंतागढ़ के वार्ड में कांग्रेस चुनाव जीती है। नगर पंचायतों में घुमका और पलारी नगर पंचायत में कांग्रेस के प्रत्याशी चुनाव जीते है। नगर पंचायतों 30 वार्डो में भी कांग्रेस के प्रत्याशी चुनाव जीते है।
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