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साय कैबिनेट की बैठक : छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति 2026 को मिली मंजूरी, तीन IPS अधिकारियों का डिमोशन निरस्त, जानिए अन्य फैसले…

1 month ago
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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें ‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026‘‘ को मंजूरी दी गई। वहीं तीन आईपीएस अधिकारियों का डिमोशन निरस्त किया गया। इसके अलावा कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक में लिए गए ये फैसले

  1. मंत्रिपरिषद ने आज ‘‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026‘‘ को मंजूरी प्रदान की। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में किफायती विकल्प मिलेगा। साथ ही इस नीति से पाइपलाइन के माध्यम से गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुविधाजनक ईंधन व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा, दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  2. मंत्रिपरिषद ने आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण के लिए जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम पर दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि को रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया।
  3. मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 6 हजार 809 व्यक्ति एवं संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की जारी आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है। यह सहायता राशि जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने, सामाजिक सहयोग को मजबूत करने तथा विभिन्न आवश्यक परिस्थितियों में संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है।
  4. मंत्रिपरिषद ने वर्ष 1988 बैच के तीन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों संजय पिल्ले, आरके विज एवं मुकेश गुप्ता के संबंध में पूर्व में जारी पदावनति आदेश दिनांक 26 सितंबर 2019 का पुनर्विलोकन करते हुए उसे निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने दिनांक 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को अपास्त करते हुए उस निर्णय के पालन में जारी सभी आदेशों को बैठक से पूर्व की स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया है। यह निर्णय प्रशासनिक तथ्यों एवं परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के उपरांत लिया गया है।

 

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