ताजा खबरें
  • Chhattisgarh
  • छिलके वाली मूंग दाल बेहतर है या बिना छिलके वाली? अगर आप भी रहते हैं कन्फ्यूज, तो यहां जानें दोनों के फायदे

छिलके वाली मूंग दाल बेहतर है या बिना छिलके वाली? अगर आप भी रहते हैं कन्फ्यूज, तो यहां जानें दोनों के फायदे

2 months ago
80

Green Moong Dal vs Yellow Moong Dal: मूंग की दाल को लोग अक्सर साबुत भिगोकर या स्प्राउट बनाकर खाते हैं. वहीं छिलके वाली मूंग दाल से भी कई तरह की डिशेज बनाई जाती हैं. फिटनेस को लेकर जागरूक लोग अपनी डाइट में मूंग दाल को शामिल करना ज्यादा पसंद करते हैं. इसकी वजह है कि मूंग दाल प्रोटीन से भरपूर होती है, जो मांसपेशियों के लिए बेहद फायदेमंद है.

इसके अलावा, इसमें मौजूद कई मिनरल्स हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और शरीर में एनर्जी बनाए रखते हैं. अगर आप भी मूंग दाल खाते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि छिलके वाली हरी मूंग ज्यादा फायदेमंद है या धुली हुई मूंग दाल.

छिलके वाली साबुत हरी मूंग ज्यादा फायदेमंद क्यों?

  1. इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो पाचन सुधारती है और कब्ज से बचाती है.
  2. छिलके में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं.
  3. ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में सहायक होती है.
  4. स्प्राउट्स बनाने पर इसका न्यूट्रिशन और भी बढ़ जाता है.

किन लोगों के लिए बेहतर?

  1. वजन घटाने वालों के लिए
  2. डायबिटीज या कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोगों के लिए
  3. जिनका पाचन तंत्र अच्छा है

धुली हुई मूंग दाल के फायदे

  1. छिलका हटने की वजह से यह हल्की होती है और आसानी से पच जाती है.
  2. इसमें भी अच्छी मात्रा में प्रोटीन मिलता है.
  3. बीमारी, बुखार या कमजोरी के समय यह आरामदायक रहती है.
  4. बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा उपयुक्त होती है.

किन लोगों के लिए बेहतर?

  1. कमजोर पाचन वाले लोग
  2. गैस या एसिडिटी की समस्या से परेशान लोग
  3. पोस्ट-वर्कआउट हल्का भोजन चाहने वाले लोग

 

Social Share

Advertisement