रायपुर, 02 दिसंबर 2022/ छत्‍तीसगढ़ विधानसभा में आज अभूतपूर्व स्थिति देखने को मिली। जब पक्ष-विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे की ओर दौड़ पड़े। यह वाक्या सदन की कार्रवाई दस मिनट स्थगित करने के बाद कार्रवाई शुरू होते ही देखने को मिला। जब अजय चंद्राकर, बृजमोहन अग्रवाल, अपने वक्तव्य के दौरान मंत्री शिव डहरिया और कांग्रेस विधायकों की टोका-टाकी पर नाराजगी जता रहे हैं। अजय और बृजमोहन सत्ता पक्ष की ओर लपके। यह देख अन्य विधायकों ने बीच-बचाव कर रोका।

सदन में हंगामे के बाद मंत्री शिव डहरिया ने कहा, भाजपा के लोग आरक्षण के घोर विरोधी हैं। पिछले डेढ़ घंटे से सदन को चलने ही नहीं दिया। मंत्री ने बताया कि विवाद इस बात को लेकर है कि सरकार आरक्षण विधेयक ला रही है। भाजपा अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण न मिले यही भाजपा के लोग चाहते हैं। भाजपा प्रजातंत्र पर विश्‍वास ही नहीं करती है।

वहीं मंत्री अमरजीत भगत ने सदस्‍यों के बीच धक्‍का-मुक्‍की को शर्मनाक बताया है। मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, सभी चाहते हैं कि विधेयक पारित हो। लेकिन उसे कोई रोकने की कोशिश करे तो चर्चा में गरमाहट आ जाती है। सदन में सत्‍ता पक्ष विधेयक को पारित करने और विपक्ष इसे रोकने का प्रयास कर रही है। भारतीय जनता पार्टी ने आपा खो दिया है। लेकिन सत्‍ता पक्ष चाहती है हर परिस्थिति में आरक्षण लागू हो। इसे लेकर सदन में चर्चा जारी है। लेकिन भाजपा का चेहरा इसमें बेनकाब हो रहा है। बीजेपी इसे रोकने का पूरा प्रयास कर रही है। यहां तक कि हाथापाई पर उतारू हो गई है। लेकिन मुझे पूरी उम्‍मीद है कि सरकार इसे पारित करा कर रहेगी।

आरक्षण का विरोध नहीं, लेकिन एससी का बढ़ाएं: चंद्रा

बसपा विधायक दल के नेता केशव चंद्रा ने कहा कि हम आरक्षण का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन एससी वर्ग का आरक्षण बढ़ाना चाहिए। पहले एससी वर्ग को 16 प्रतिशत आरक्षण मिलता था, जिसे भाजपा सरकार ने घटाकर 12 और कांग्रेस सरकार ने 13 प्रतिशत किया है। बसपा एससी के लिए 16 और ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण करने को लेकर संशोधन प्रस्ताव दे रही है।