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छत्तीसगढ़ में भी तेज हवाएं चलने की आशंका, बादल छाएंगे; एक-दो स्थानों पर बरसात भी


रायपुर, 08 मई 2022/ दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव एक चक्रवाती तूफान “असानी’ में बदल गया है। पिछले 6 घंटों के दौरान 16 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। अगले 24 घंटों में इसकी पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।
मौसम विभाग के शुरुआत अनुमान के मुताबिक, इस तूफान का आंशिक असर छत्तीसगढ़ पर भी पड़ेगा। इस क्षेत्र में हवा की दिशा बदल जाएगी। इसकी वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी। हवा की गति भी बढ़ जाएगी। आसमान में बादल छाएंगे। इसकी वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट होगी, लेकिन उमस का एहसास बढ़ जाएगा। छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर बरसात की भी संभावना बन रही है। इसका असर अगले दो-तीन दिन तक बने रहने की संभावना दिख रही है।
छत्तीसगढ़ में अभी स्थानीय मौसमी प्रभावों से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मई महीने के दूसरे सप्ताह में रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्से में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बना हुआ है। दोपहर बाद रायपुर का तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस था। बिलासपुर में यह 38.6 और पेण्ड्रा में 36.4 दर्ज हुआ। सुदूर उत्तर के अंबिकापुर में तापमान 37.8 और दक्षिण के जगदलपुर में 35.8 डिग्री सेल्सियस मापा गया है। वहीं राजनांदगांव में तापमान 40.1 और दुर्ग में 40.5 डिग्री सेल्सियस रहा है। बताया जा रहा है, अगले दो-तीन दिनों में यह तापमान और नीचे आएगा। रायपुर मौसम केंद्र ने यह अनुमान जारी किया है।
अभी यहां है तूफान
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में कार निकोबार के पश्चिम-उत्तर पश्चिम में लगभग 450 किमी, पोर्ट ब्लेयर के 380 किमी पश्चिम, विशाखापट्टनम के 970 किमी दक्षिण-पूर्व और पुरी से 10.30 किमी दक्षिणपूर्व में यह तूफान बना हुआ है।
अब उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा
इस तूफान के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटों के दौरान बंगाल की पूर्वी मध्य खाड़ी के ऊपर एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की बहुत संभावना है। इसके 10 मई के 5.30 बजे तक उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ना जारी रहने और उत्तर आंध्र प्रदेश और ओडिशा तटों से दूर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाडी तक पहुंचने की बहुत संभावना है। इसके बाद यह उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर मुड़ने और ओडिशा तट से दूर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ जाएगा।