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पाकिस्तान में बने सिस्टम से सरगुजा-बिलासपुर के कई हिस्सों में बरसात, रायपुर में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी

रायपुर, 09 जनवरी 2022/ उत्तर पाकिस्तान के ऊपर स्थित पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बरसात शुरू हो चुकी है। बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कई जिलों में हल्की बरसात हुई है। राजधानी रायपुर में भी तेज ठंडी हवा के साथ बूंदाबादी शुरू हो चुकी है। अनुमान है कि यहां भी हल्की से मध्यम स्तर की बरसात होगी।
सरगुजा और बिलासपुर संभाग के अधिकांश जिलों में रात से ही बादल छा गए थे। इसकी वजह से न्यूनतम तापमान में वृद्धि हुई। सुबह से कुछ जिलों में बरसात शुरू हो गई। पेण्ड्रा में सुबह से बरसात हो रही है। वहीं मुंगेली जिले में दोपहर बाद गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बरसात शुरू हुई। काेरिया, कोरबा और उनसे लगे जिलों में भी बारिश हुई है।
इधर, रायपुर में सुबह धूप खिली थी। दोपहर बाद दो घंटों के भीतर बादल छाए और ठंडी हवा चलने लगी। शाम होते-होते हवा की गति तेज हो गई और बूंदाबादी होने लगी। इसकी वजह से दिन का तापमान काफी कम हो गया है।
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान के ऊपर मध्य और ऊपरी वायुमंडल में स्थित है। इसके प्रभाव से दक्षिण- पश्चिम राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा बना हुआ है। यह सिस्टम अरब सागर से पर्याप्त मात्रा में नमी ला रहा है। बंगाल की खाड़ी से भी काफी मात्रा में नमी आ रही है। यह चक्रीय चक्रवाती घेरा का पूर्व की ओर आगे बढ़ रहा है। इन सब परिस्थितियों के कारण प्रदेश में कुछ स्थान पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना है।
आज इन क्षेत्रों में बरसात
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 9 जनवरी को वर्षा का क्षेत्र मुख्य रूप से सरगुजा और बिलासपुर संभाग के सभी जिलों में होगा। वहीं दुर्ग और रायपुर संभाग के उत्तर में स्थित जिलों में वर्षा होने की संभावना है। इसकी वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट संभावित है। वहीं न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।
10 जनवरी को भी बरसात होगी
मौसम विज्ञानियों ने बताया, 10 जनवरी को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। इस बार बारिश का क्षेत्र बस्तर संभाग के उत्तरी क्षेत्रों से लेकर सरगुजा तक का होगा। इसकी वजह से अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज हो सकती है।
कल ओले गिरने के भी आसार
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, मध्य भारत इस समय अरब सागर से आने वाली हवाओं और बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवाओं का सम्मिलन क्षेत्र बना हुआ है। ऐसे में 10 जनवरी को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ ओले गिरने की भी संभावना है।
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