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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हल्लाबोल:नर्सरी शिक्षक बनाने का वादा था, कलेक्टर दर पर रोजी तक नहीं मिल रही


रायपुर, 30 नवंबर 2021 छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से सैंकड़ों की तादाद में आंगनबाड़ी की महिलाएं मंगलवार को रायपुर पहुंचीं। शहर के धरना स्थल पर उन्होंने नारेबाजी करते हुए आंदोलन की शुरूआत कर दी है। ये विरोध कांग्रेस सरकार के चुनावी वादे के पूरे न होने की सूरत में किया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन में लाल साड़ियां पहनकर आईं आंगनबाड़ी की कार्यकर्ता और सहायिका महिलाओं ने रैली भी निकाली है।
छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की प्रदेश अध्यक्ष सरिता पाठक ने बताया कि प्रदेश में सरकारी योजनाओं के प्रचार का काम गांवों में आंगनबाड़ी की महिलाएं ही करती हैं। कुपोषण जैसे गंभीर विषय पर आंगनबाड़ी की महिलाओं के जरिए ही पोषक आहार बच्चों तक पहुंचाए जा रहे हैं। चुनाव से लेकर स्वास्थ्य संबंधी काम भी महिलाओं से करवाया जाता है, मगर बदले में कलेक्टर दर पर रोजी भी नहीं मिलती।
फोन का रिचार्ज भी दे सरकार
विरोध प्रदर्शन करने पहुंची महिलाओं ने बताया कि महंगाई के इस दौर में लगभग 6 हजार रुपए आंगनबाड़ी की महिलाओं के मिलते हैं। इसमें महिलाएं अपने घर के बच्चों के लिए शिक्षा और पोषक आहार का बंदोबस्त नहीं कर पा रहीं। सरकार ने अब इन महिलाओं से ऑनलाइन भी काम लेना शुरू किया है। मगर इंटरनेट और मोबाइल रिचार्ज का अतिरिक्त खर्च हर महीने इन महिलाओं को अपनी जेब से खर्चना पड़ रहा है। आंगनबाड़ी की महिलाओं की मांग है कि कम से कम इन्हें मानदेय के तौर पर 18 से 20 हजार रुपए, पेंशन और नेट पैक जैसी मूलभूत सुविधाएं दी जाएं।