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छत्तीसगढ़ में मानसून, अगले 24 घंटों में भारी बरसात और बिजली गिरने की चेतावनी

5 years ago
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weather update; Monsoon reaches Pendra Road in Chhattisgarh, warning of  heavy rain and lightning in next 24 hours | छत्तीसगढ़ में पेण्ड्रा रोड तक  पहुंचा मानसून, अगले 24 घंटों में भारी बरसात

रायपुर 12 जून 2021/    छत्तीसगढ़ में आया दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ते हुए पेण्ड्रा रोड तक पहुंच गया है। अगले एक-दो दिनों में पूरे प्रदेश में मानसून के सक्रिय हो जाने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने कल तक प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी बरसात और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, छत्तीसगढ़ में मानसून पेण्ड्रा रोड तक पहुंच गया है। अभी देश में इसकी उत्तरी सीमा सूरत, नंदूरबार, रायसेन, दमोह, उमरिया, पेंड्रा रोड, बलांगीर, भुवनेश्वर, बड़ीपाडा, पुरुलिया, धनबाद और दरभंगा है। मानसून के और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल स्थितियां बनी हुई हैं। उन्होंने बताया, कल तक मानसून के प्रदेश के बचे हुए उत्तरी हिस्सों में भी सक्रिय हो जाने की संभावना बनी हुई है।

मौसम विभाग के मुताबिक आज जशपुर, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और बालोद में अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बरसात की संभावना है। वहीं राजनांदगांव जिले में भारी से अति भारी बरसात की संभावना जताई गई है। शेष जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बरसात संभावित है। अगले दो दिनों तक बरसात की प्रकृति ऐसी ही बनी रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में मानसून 9-10 जून की रात में ही पहुंच गया था।

बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम अनुकूल कर रहा मौसम

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तरी उड़ीसा तट और पश्चिम बंगाल तट के ऊपर एक निम्न दाब का क्षेत्र स्थित है। इसके और अधिक प्रबल होकर पश्चिम-उत्तर- पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उड़ीसा झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर अगले 2 से 3 दिन में बढ़ने की संभावना है। इसकी वजह से प्रदेश में बरसात की अनुकूल माहौल बना हुआ है।

स्थानीय सिस्टम भी सक्रिय

बताया गया, एक द्रोणिका दक्षिण पंजाब से निम्न दाब के केंद्र तक हरियाणा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और झारखंड होते हुए 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। उत्तर-पश्चिम द्रोणिका का 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर तक निम्न दाब के केंद्र से दक्षिण छत्तीसगढ़ विदर्भ, उत्तर मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण गुजरात होते हुए पश्चिम मध्य अरब सागर तक स्थित है। प्रदेश में बरसात की स्थिति पर इसका भी प्रभाव है।

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