ताजा खबरें
  • breaking
  • Chhattisgarh
  • कई मितानिनों को पिछले सर्वे का भुगतान नहीं मिला, कोरोना फ्रंटलाइन पर तैनाती के बावजूद बीमा और पारिवारिक सुरक्षा नहीं

कई मितानिनों को पिछले सर्वे का भुगतान नहीं मिला, कोरोना फ्रंटलाइन पर तैनाती के बावजूद बीमा और पारिवारिक सुरक्षा नहीं

5 years ago
209

Coronavirus in Chhattisgarh: Salute to the spirit of Mitannin Anita doing  so even during the transition phase

 

 

 

 

रायपुर 01 जून 2021/   कोरोना के खिलाफ लड़ाई में फ्रंटलाइन पर तैनात मितानिनों की चिंता बढ़ रही है। सरकार की ओर से उन्हें बीमा सुरक्षा और पारिवारिक सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है। वहीं कई मितानिनों का पिछले सर्वे का भुगतान तक बकाया है। मितानिनों ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने यह मांग उठाई है।

स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले में मितानिनों की तैनाती बड़ी संख्या में हैं। राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र (SHRC) ने इन्हें प्रशिक्षित किया है। कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने बीमार होने के जोखिम के साथ उन्हें गांव-मोहल्लों तक सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित लोगों का रिकॉर्ड रखने, उनतक दवा पहुंचाने का जिम्मा सौंपा। यह एक सर्वे के तौर पर किया जाना था। मितानिन सोनिया ध्रुव, लता श्रीवास्तव आदि ने बताया, SHRC ने उन्हें विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया था। इसमें कोरोना संक्रमितों की पहचान करने, उनके दैनिक तापमान, ऑक्सीजन लेवल की जांच करना, दवा पहुंचाना, निगरानी और संकट की स्थिति बनने पर विभाग को इसकी सूचना देने का काम शामिल था। इस जोखिम वाले काम के बावजूद सरकार ने अभी तक इन्हें कोई बीमा सुरक्षा मुहैया नहीं कराया है। मितानिनों का कहना था, अगर उनकी जान चली जाती है तो उनके आश्रितों की अनुकम्पा नियुक्ति का भी कोई प्रावधान नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता गौतम बंद्योपाध्याय कहते हैं, सरकार को स्वास्थ्य बजट बढ़ाना चाहिए। इस समय मितानिनों को बीमा सुरक्षा की सख्त जरूरत है। वह उन्हें मिलना चाहिए। वहीं उनके लिए अनुकम्पा नियुक्ति का प्रावधान होना चाहिए ताकि वे परिवार की चिंता से कुछ हद तक मुक्त रह सकें।

रायपुर की मितानिनों ने मांगा सर्वे का भुगतान

रायपुर के सुंदर नगर वार्ड की मितानिनों ने स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय को ज्ञापन सौंपकर बकाया भुगतान दिलाने की मांग की है। मधु देवांगन, अगेश्वरी साहू, सीमा देवांगन, करुणा सहारे आदि ने मितानिनों ने कहा है, वे पिछले कई महीनों से घर-घर जाकर कोरोना सर्वे कर रहे हैं। उन्हें पिछले जून से दिसम्बर तक का भुगतान नहीं मिला है। जबकि अप्रैल-मई का भुगतान आ गया है।

स्वास्थ्य मंत्री बोले, विचार हाेगा

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, मितानिनों के ज्ञापन को फिलहाल परीक्षण और कार्रवाई के लिए मार्क कर विभाग को भेज दिया गया है। हम इसकी जांच करा लेंगे। उन्होंने कहा, मितानिनों के उठाए बिंदुओं पर विचार किया जाएगा।

 

 

Social Share

Advertisement