यह संकल्प का नहीं, भ्रष्टाचार का बजट है – डॉ. चरणदास महंत – कैसा “संकल्प” जहाँ जनता की समस्याओं का नहीं कोई “विकल्प” – डॉ. चरणदास महंत – बजट ‘गति’ का नहीं, ‘दुर्गति’ का था – डॉ महंत
नया बजट शब्दों का मायाजाल, युवाओं और महिलाओं को थमाया झुनझुना। सरगुजा और बस्तर के खजाने को उद्योगपति मित्रों को सौंपने की तैयारी। घोषणाएं...