नए साल 2026 में भूलकर भी न दें ये तोहफे, वरना रिश्तों पर पड़ सकता है असर …

किसी भी शुभ अवसर या खुशी के मौके पर उपहार यानी गिफ्ट देना एक परंपरा है. गिफ्ट देने से आपसी प्रेम बढ़ता है और हम इसके जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं. नए साल पर भी हम अपने करीबी और रिश्तेदारों को तोहफे देते हैं. हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में गिफ्ट को केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि ऊर्जा के आदान-प्रदान के रूप में देखा जाता है.

घड़ी: वास्तु और मान्यताओं के अनुसार घड़ी समय के रुकने या रिश्तों में दूरी का संकेत मानी जाती है. इसे शुभ अवसरों पर गिफ्ट करने से बचना चाहिए.
चाकू, कैंची या नुकीली चीजें: ये चीजें रिश्तों में कटुता और तनाव को दर्शाती हैं. नए साल पर ऐसे गिफ्ट न दें.
काले रंग की वस्तुएं: काला रंग नकारात्मक ऊर्जा और उदासी से जुड़ा माना जाता है. काले रंग के कपड़े, पर्स या सजावटी वस्तुएं गिफ्ट करने से बचें.
जूते या चप्पल: वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल अपमान और मतभेद का प्रतीक माने जाते हैं. खासकर बड़ों या करीबी लोगों को इन्हें गिफ्ट न दें.
मोती भी न करें गिफ्ट: मोती को आंसुओं का प्रतीक माना जाता है. इसलिए इसे उपहार में देने से बचना चाहिए.
टूटी या इस्तेमाल की हुई चीजें: ऐसी वस्तुएं दुर्भाग्य और आर्थिक नुकसान का संकेत मानी जाती हैं. हमेशा नया और साफ-सुथरा गिफ्ट ही दें.
धार्मिक मूर्ति बिना पूछे न दें: हर व्यक्ति की आस्था अलग होती है. बिना जानकारी के देवी-देवता की मूर्ति गिफ्ट करना वास्तु दोष का कारण बन सकता है.
तो फिर क्या दें
अगर आप चाहें, तो ये शुभ और सकारात्मक गिफ्ट दे सकते हैं.
- मिठाई या ड्राई फ्रूट्स
- पौधे, खासकर तुलसी या मनी प्लांट
- सफेद या हल्के रंग की वस्तुएं
- चांदी का सिक्का या कोई शुभ प्रतीक