मणिपुर में 2 महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाया, एक गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट का एक्शन


इंफाल, 20 जुलाई 2023/ हिंसा की आग में बीते 78 दिनों से झुलस रहे मणिपुर में एक समुदाय की दो महिलाओं के साथ हुई बर्बरता ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मणिपुर में भीड़ ने दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमाया। घटना 4 मई को राजधानी इंफाल से लगभग 35 किलोमीटर दूर कांगपोकपी जिले में हुई। इसका वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना का वीडियो सामने आया तो देखने वालों की रूह कांप गई। वायरल वीडियो को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बयान दिया और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की बात कही है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वीडियो देखकर हम बहुत परेशान हुए हैं। हम सरकार को वक्त देते हैं कि वो कदम उठाए। अगर वहां कुछ नहीं हुआ तो हम कदम उठाएंगे।
वहीं, PM मोदी ने कहा कि इस घटना ने 140 करोड़ भारतीयों को शर्मसार किया है। किसी भी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा।
मणिपुर पुलिस ने किडनैपिंग, गैंगरेप और हत्या का मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बाकियों की तलाश जारी है। मणिपुर CM एन बीरेन सिंह ने कहा है कि हम सभी आरोपियों की मौत की सजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार
महिलाओं को नग्न करके परेड कराए जाने के मामले में मणिपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस घटना में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने की कोशिश में जुटी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दो महिलाओं के साथ क्रूरता के हालिया वायरल वीडियो पर मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह से बात की है।
प्रधानमंत्री बोले- मेरा दिल पीड़ा और क्रोध से भरा है
PM मोदी ने कहा, ‘मेरा दिल आज पीड़ा और क्रोध से भरा है। ये घटना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ, उसे कभी माफ नहीं किया जा सकता। ये बेइज्जती पूरे देश की हो रही है।’
उन्होंने कहा- ‘मैं सभी मुख्यमंत्रियों से कहता हूं कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करें। माताओं-बहनों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाएं। हिंदुस्तान के किसी भी कोने या किसी भी राज्य में राजनीतिक वाद-विवाद से ऊपर उठकर कानून-व्यवस्था और बहनों का सम्मान प्राथमिकता है।’
SC बोला- यह संविधान का सबसे घृणित अपमान
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मणिपुर सरकार से पूछा है कि अपराधियों पर कार्रवाई के लिए आपने क्या कदम उठाए हैं। CJI ने कहा कि सांप्रदायिक संघर्ष के दौरान महिलाओं का एक औजार की तरह इस्तेमाल कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह संविधान का सबसे घृणित अपमान है। मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।