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तालाब में जल भराव के लिए खुला खूंटाघाट जलाशय का गेट


बिलासपुर, 16 अप्रैल 2023/ मौसम में बदलाव के साथ ही गर्मी बढ़ने लगी है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है उसी अंदाज में गांव के तालाब सूखने लगे हैं। बीते दिनों जनदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने निस्तारी के लिए जलाशय का गेट खोलने और तालाब भरने की गुहार लगाई थी।
ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने खूंटाघाट जलाशय का गेट खोलने के निर्देश जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को जारी किए थे। कलेक्टर के निर्देश पर जल संसाधन विभाग ने खूंटाघाट जलाशय का गेट खोल दिया है। नहरों के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। नहर किनारे के गांव में नहर के जरिए तालाब में जल भराव किया जाएगा। यह पानी गर्मी के दिनों में ग्रामीणों के निस्तारी के लिए काम आएगा।
गर्मी बढ़ने के साथ ही तालाब सूखने लगे हैं। निस्तारी के साथ ही रबी फसल की सिंचाई के लिए अभी से जिले के विभिन्न् क्षेत्रों से पानी की मांग उठने लगी है। मस्तूरी विधायक डा. कृष्णमूर्ति बांधी ने अपने क्षेत्र के ग्राम वेद परसदा में पानी की किल्लत होने का हवाला देते हुए निस्तारी के लिए पानी छोडने की मांग कलेक्टर से बीते दिनों की थी।
जिले के बिल्हा व मस्तूरी दो ऐसे ब्लाक हैं जहां दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को पेयजल सहित निस्तारी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वैसे भी गर्मी बढने के साथ ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
जलाशयों में पानी न होने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति भयावह हो जाती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। जिले के खूंटाघाट, भैंसाझार, घोंघाडीह व इससे लगे मनियारी व खुड़िया जलाशयों में अभी भी अच्छा जल भराव है। लिहाजा इस साल गर्मी में पानी की किल्लत नहीं होगी।
गर्मी के मौसम में हर साल निस्तारी व सिंचाई के लिए पानी नहरों के माध्यम से छोडा जाता है। वर्ष 2022 में वर्षा अच्छी होने के कारण अधिकांश जलाशयों में जलभराव की स्थिति बेहतर है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो खुड़िया और घोंघा जलाशय में 68 फीसद से कम,खूंटाघाट, मनियारी और भैंसाझार में 90 से 99 फीसद जलभराव है।
नल जल योजना की हालत पतली
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना हर घर जल को लेकर राज्य शासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। ठेकेदारों की लापरवाही कहें या फिर तय समय में काम पूरा न कर पाने के कारण लोगों को इस वर्ष भी गर्मी में पेयजल व निस्तारी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। केंद्र के लक्ष्य पर नजर डालें तो गर्मी के पहले तक हर घर में पाइप लाइन बिछाने और नल के जरिए पेयजल की आपूर्ति की जानी थी।