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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की VC में छत्तीसगढ़ में 50% वेस्टेज बताया था, राज्य सरकार ने चिट्‌ठी लिखकर कहा- यहां बर्बादी 1% से भी कम

5 years ago
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छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार से राज्य में कोवैक्सीन न भेजने को कहा

 

 

 

 

रायपुर, 27 मई 2021/   कोरोनारोधी टीकाकरण अभियान में टीके की बर्बादी के आंकड़ों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। पिछले दिनों केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रजेंटेशन के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में 50 प्रतिशत टीकों का वेस्टेज दिखाया। अब राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर कहा है, उनके यहां वैक्सीन की बर्बादी एक प्रतिशत से भी कम है। मंत्रालय अपना डेटा ठीक कर ले।

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह ने कहा, 21 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा था कि उनके पोर्टल में कोई तकनीकी दिक्कत है जो अपव्यय का प्रतिशत बढ़ा दे रहा है। उस बैठक में हमें आश्वासन दिया गया था कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय इस मुद्दे को सुलझाने के लिए राज्यों के साथ बातचीत करेगा ताकि सही आंकड़े सार्वजनिक किए जा सकें।

सिंहदेव ने कहा, सच तो यह है कि केंद्र सरकार की ओर से हेल्थकेयर वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और 45 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए भेजे गए टीकों में से 0.95 प्रतिशत और 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए राज्य सरकार की ओर से खरीदे गए टीकों में से 0.29 प्रतिशत डोज ही बर्बाद हुए हैं। यह टीकों की बर्बादी के राष्ट्रीय औसत 6 प्रतिशत से काफी बेहतर है। टीएस सिंहदेव ने कहा, केंद्र सरकार का फोकस राज्यों के साथ ओछी राजनीति करने से ज्यादा टीकों की खरीदारी पर होना चाहिए।

 

 

 

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने 21 मई को ही एक पत्र केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण को भेज दिया था। इसमें उन्होंने 21 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के प्रजेंटेशन के दौरान पेश किए गए आंकड़ों पर आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा, प्रजेंटेशन में कोविशील्ड का वेस्टेज 8.5 प्रतिशत और कोवैक्सीन का 50.2 प्रतिशत वेस्टेज बताया गया था। यह सही नहीं है। डॉ. शुक्ला ने लिखा था, राज्य सरकार टीके की बर्बादी को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है। आप संबंधित को निर्देशित करें कि वह आंकड़ों को अपडेट कर ले।

राज्य सरकार ने यह गणित बताया है

स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव के पत्र के मुताबिक 21 मई तक हेल्थ वर्कर, फ्रंटलाइन वर्कर और बुजुर्गों के टीकाकरण के लिए केंद्र सरकार के कोटे से वैक्सीन की 68 लाख 40 हजार 210 डोज मिली है। इसमें से 61 लाख 67 हजार 432 डोज लगाई जा चुकीं। 6 लाख 16 हजार 970 डोज बचे थे। यानी 55 हजार 608 डोज बर्बाद हुए। यह कुल टीकों का केवल 0.81 प्रतिशत था। वहीं 18 से 44 आयु वर्ग के लिए राज्य सरकार ने 7 लाख 97 हजार 110 डोज वैक्सीन मंगाई थी। उनमें से 6 लाख 66 हजार 101 डोज लग चुके। एक लाख 25 हजार 970 बचे थे और 5 हजार 39 बर्बाद हुए। यानी कुल 0.63 प्रतिशत।

 

 

स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को यह चिट्‌ठी लिखकर आंकड़ों पर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराया है।

 

 

 

स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को यह चिट्‌ठी लिखकर आंकड़ों पर आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने ताजा आंकड़ा भी दिया

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने केंद्र सरकार के कोविन पोर्टल के हवाले से 45 + टीकाकरण का ताजा आंकड़ा भी जारी किया। उन्होंने बताया, इस वर्ग में वैक्सीन के 72 लाख 90 हजार 210 डोज मिले हैं। उनमें से 61 लाख 99 हजार 637 लोगों डोज लगाए जा चुके हैं। 10 लाख 31 हजार 230 डोज स्टॉक में बची है। केवल 0.95 प्रतिशत वैक्सीन बर्बाद हुई है।

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