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नक्सलियों में कोरोना की दहशत : संक्रमित हुए तो संगठन का साथ छोड़कर पुलिस के पास आया नक्सली जोड़ा, अब सरकार करवा रही इलाज

कांकेर, 13 मई 2021/ छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कोरोना की वजह से दो नक्सलियों ने हथियार छोड़कर आम जिंदगी बिताने का फैसला किया। ये दोनों बीमार थे, जांच करने पर कोविड संक्रमित पाए गए। अब इन नक्सल पति-पत्नी का इलाज पुलिस के जरिए सरकार करवा रही है। सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ के जंगलों में दर्जनों नक्सली कोरोना संक्रमित हैं। ऐसे में अब उनके पास दो ही विकल्प हैं या तो बीमारी से जूझते रहें या फिर सरेंडर करके इलाज हासिल करें और आम जिंदगी बिताएं। कांकेर के नक्सली अर्जुन ताती और इसकी पत्नी लक्ष्मी पद्दा ने जिंदगी का साथ देने का फैसला किया तो हथियार और खूंखार नक्सलियों को अलविदा कहकर पुलिस के पास आ गए।
जंगल से खुद को बचाकर पहुंचे BSF कैम्प
खबर मिली है कि जंगल में नक्सली कमांडर अपने लोगों में किसी भी सूरत में सरेंडर न करने का दबाव बना रहे हैं। मगर कोरोना की वजह से नक्सलियों की हालत पस्त है। अर्जुन और लक्ष्मी की तबीयत भी कुछ दिनों से ठीक नहीं थी। दोनों ने पुलिस की मदद से इलाज करवाने की ठानी और सरेंडर करने का फैसला लिया। ये बात अगर इनके कमांडर को पता चलती तो शायद इनकी जान को भी खतरा हो सकता था। इसलिए छिपते हुए ये नक्सलियों का साथ छोड़कर निकल पड़े।
जंगल से होते हुए 12 मई को कांकेर के कामतेड़ा BSF कैम्प पहुंचे। दोनों ने फोर्स के जवानों को अपना परिचय दिया। दोनों ने बताया कि हम आलदण्ड थाना छोटेबेठिया जिला उत्तर बस्तर कांकेर के रहने वाले हैं, हमारी तबीयत ठीक नहीं हैं। दोनों को फौरन पुलिस की टीम कांकेर अस्पताल लेकर आई, यहां जांच में पता चला कि दोनों कोविड पॉजिटिव हैं। फिलहाल दोनों का इलाज करवाया जा रहा है।
बाकी नक्सलियों से भी अपील छोड़ दें हथियार
कांकेर के SP एमआर आहिरे ने बताया कि माओवादी दंपती अर्जुन ताती और लक्ष्मी पद्दा को इलाज के बाद स्वास्थ्य ठीक होने पर पूछताछ की जाएगी और सरेंडर से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होगी। बस्तर रेंज के IG सुन्दरराज पी ने बताया कि माओवादी संगठन छोड़कर पुलिस से सम्पर्क करने वाले इस जोड़े का हमने स्वागत किया है। हम चाहते हैं कि बाकी के माओवादी भी सरेंडर करें, उनकी हर मुमकिन मदद की जाएगी।