- Home
- breaking
- Chhattisgarh
- सीएम भूपेश की चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ बैठक
सीएम भूपेश की चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ बैठक

निजी अस्पतालों में कोरोना मरीज के लिए अधिकतम चार्ज 17 हजार रुपए रोज

रायपुर, 13 अप्रैल 2021/ बढ़ते कोरोना संक्रमण बीच छत्तीसगढ़ के सभी निजी अस्पतालों के लिए कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज की अधिकतम और न्यूनतम दर तय कर दी गई है। इसकेे अनुसार निजी अस्पताल किसी भी कोरोना मरीज के इलाज के लिए न्यूनतम 62 सौ रुपए और अधिकतम 17 हजार रुपए प्रतिदिन ले सकेंगे।
अगर इससे ज्यादा पैसे लेने की शिकायत हुई तो अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। इलाज के चार्जेस की अधिकतम और न्यूनतम सीमा खुद सीएम भूपेश बघेल ने अस्पताल संचालकों और चिकित्सा विशेषज्ञों से बातचीत के बाद तय करवाई है। स्वास्थ्य विभाग ने यह संशोधित दरें जारी कर दी हैं।
उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान स्वास्थ्य विभाग तथा आईसीएमआर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। उल्लंघन पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। राज्य शासन द्वारा निजी अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए आदेश एपेडेमिक डिसीज एक्ट-1897 और छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट-1949 के अंतर्गत जारी किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन एपेडेमिक डिसीज एक्ट-1897 तथा छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट-1949 के तहत दंडनीय होगा।
खूबचंद स्वास्थ्य योजना में 20 फीसदी बेड आरक्षित
निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए डॉ खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों के लिए 20 फीसदी बेड आरक्षित करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह आरक्षण कोविड उपचार यूनिट के जनरल वार्ड, एचडीयू बेड आक्सीजन सहित ,आईसीयू वेेंटीलेटर सहित और बिना वेंटीलेटर के आईसीयू में लागू होगा।
एनबीएच से मान्य निजी अस्पताल
- मध्यम लक्षण वाले मरीजों के लिए प्रतिदिन 62 सौ रुपए निर्धारित है। इसमें सपोर्टिव केयर, आइसोलेशन बेड, आक्सीजन एवं पीपीई किट का खर्च शामिल।
- गंभीर मरीजों के के लिए रोजाना 12 हजार निर्धारित किया गया है। इसमें बगैर वेंटिलेटर के आईसीयू की सुविधा शामिल है।
- अति गंभीर मरीजों के लिए 17 हजार प्रतिदिन की दर निर्धारित की गई है। इसमें वेंटिलेटर के साथ आईसीयू सुविधा शामिल है।
ऐसे समझिए निजी अस्पताल के चार्जेस
एनबीएच से गैर मान्यता प्राप्त
मॉडरेट (मध्यम लक्षण), गंभीर और अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए क्रमश: प्रतिदिन 6200 रुपए, 10 हजार रुपए एवं 14 हजार रुपए का शुल्क निर्धारित है।
खर्च में यह सब शामिल
पंजीयन शुल्क, बेड, नर्सिंग और बोर्डिंग चार्ज, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, डॉक्टर और कंसल्टेंट की फीस, एनेस्थेशिया, ब्लड-ट्रांसफ्यूजन, ऑक्सीजन, ओटी चार्जेस, सर्जिकल उपकरणों का शुल्क, दवाई एवं ड्रग, मरीज के भोजन, प्रोस्थेटिक डिवाइस एवं इम्पलांट का खर्च, मेडिकल प्रोसिजर, बेसिक रेडियोलॉजिकल इमेजिंग और एक्स-रे, सोनोग्राफी, हिमेटॉलॉजी पैथोलॉजी जैसे रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी टेस्ट भी इनमें शामिल है।
यह शामिल नहीं
कोरोना जांच, हाई-एंड मेडिसिन्स, सीटी स्कैन, एमआरआई, हाई-एंड डाइग्नोस्टिक टेस्ट और मरीज की अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए किया जाने वाला प्रोसिजर शामिल नहीं है। डेड-बॉडी के स्टोरेज एवं परिवहन के लिए अधिकतम ढाई हजार रुपए ले सकेंगे।
इधर, संकट के बीच रेमडेसिविर का 4800 वायल छत्तीसगढ़ पहुंचे
रेमडेसिविर इंजेक्शन की 48 सौ वायल की एक खेप सोमवार को रायपुर पहुंची। सन फार्मा कंपनी के इस वायल के 2800 वायल रायपुर के अस्पतालों में भेजे गए जबकि दो हजार वायल प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भेजे गए हैं।