ताजा खबरें
  • breaking
  • News
  • किसानों को अल्टीमेटम : पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर खाली करने को कहा, पानी की सप्लाई रोकी; सिंघु बॉर्डर पर भी भारी फोर्स तैनात

किसानों को अल्टीमेटम : पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर खाली करने को कहा, पानी की सप्लाई रोकी; सिंघु बॉर्डर पर भी भारी फोर्स तैनात

5 years ago
256

किसानों का सरकार को अल्टीमेटम- कृषि कानून वापस लो, तब आंदोलन होगा खत्म, 8  दिसंबर को भारत बंद - Farmers Protest Delhi Border 8th december bharat bandh  central government Agriculture ...

उपद्रव में शामिल किसान नेताओं के खिलाफ पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी किया
सिंघु बॉर्डर पर किसानों के खिलाफ भी प्रदर्शन, सड़क खाली करने की मांग की

 

 

नई दिल्ली, 28 जनवरी 2021/   दिल्ली में मंगलवार को किसानों की ट्रैक्टर परेड में हिंसा के बाद पुलिस लगातार एक्शन में है। गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली और यूपी की पुलिस पहुंच गई है। पुलिस ने किसानों से आज ही सड़क खाली करने को कहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बॉर्डर खाली कराने के लिए देर शाम या रात को दिल्ली और यूपी की पुलिस ज्वाइंट ऑपरेशन कर सकती है। इस बीच दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने सीनियर अफसरों की बैठक बुलाई है।

पुलिस के पहुंचने के साथ ही गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की वॉटर सप्लाई काट दी गई है। पुलिस ने यहां लगाए गए पोर्टेबल टॉयलेट भी हटाने शुरू कर दिए हैं। यूपी रोडवेज की दर्जनों बसें भी यहां लाकर खड़ी कर दी गई हैं। दूसरी तरफ, सिंघु बॉर्डर पर भी भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। यहां पुलिस हैवी बैरिकेडिंग कर रही है। उधर, बागपत में 40 दिन से आंदोलन कर रहे किसानों को पुलिस ने बुधवार रात को हटा दिया था।

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 64वां दिन है। टीकरी बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। दूसरी तरफ सुरक्षाबल भी तैनात हैं।

 

कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 64वां दिन है। टीकरी बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन जारी है। दूसरी तरफ सुरक्षाबल भी तैनात हैं।

किसान नेताओं के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी
मंगलवार के उपद्रव में शामिल रहे किसान नेताओं के खिलाफ गुरुवार को लुकआउट नोटिस जारी किए गए। अब उनके पासपोर्ट जब्त किए जाएंगे, ताकि वे बिना इजाजत विदेश न जा सकें। सूत्रों ने बताया कि जिन 37 नेताओं के खिलाफ पुलिस ने बुधवार को FIR दर्ज की थी, उनमें से 20 के खिलाफ ये नोटिस जारी किए गए हैं।

लाल किले में हिंसा करने वालों पर राजद्रोह का केस
खबर ये भी है कि लाल किले में हिंसा करने वालों पर पुलिस ने राजद्रोह का केस दर्ज किया है। इससे पहले, पुलिस ने 20 किसान नेताओं को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, 3 दिन में इसका जवाब दें। इनमें से 6 के नाम अभी तक सामने आए हैं। ये नेता हैं राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, दर्शन पाल, बलदेव सिंह सिरसा, बलबीर सिंह राजेवाल और जगतार सिंह बाजवा।

पुलिस ने लाल किला परिसर से डेढ़ घंटे में प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाल दिया था, लेकिन एहतियात के तौर पर तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं।

 

पुलिस ने लाल किला परिसर से डेढ़ घंटे में प्रदर्शनकारियों को बाहर निकाल दिया था, लेकिन एहतियात के तौर पर तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं।

पुलिस ने टिकैत के टेंट पर नोटिस चस्पा किया
हिंसा मामले में टिकैत और जगतार सिंह बाजवा को नोटिस देने पुलिस गुरुवार दोपहर 12.30 बजे गाजीपुर बॉर्डर पहुंची थी। लेकिन, दोनों नेता सामने नहीं आए। इसके बाद पुलिस ने उनके टेंट पर नोटिस चिपका दिया। इधर, गाजीपुर बॉर्डर पर बिजली काटने से नाराज टिकैत बोले, ‘सरकार दहशत फैलाने का काम कर रही है। गांवों में दिक्कत हुई तो किसान लोकल पुलिस थानों पर जाएंगे। वहां जो भी होगा, उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।’

सिंघु बॉर्डर पर किसानों के खिलाफ प्रदर्शन
दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर दो महीने से आंदोलन कर रहे किसानों को अब लोगों का विरोध भी झेलना पड़ रहा है। गुरुवार दोपहर कुछ लोगों ने सिंघु बॉर्डर पहुंचकर नारेबाजी की। लोगों के हाथ में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था कि तिरंगे का अपमान नहीं सहेंगे।

हिंसा में घायल पुलिसकर्मियों से मिले अमित शाह
मंगलवार को हुए उपद्रव में दिल्ली पुलिस के 300 से ज्यादा जवान घायल हो गए। इनमें से कई अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें से कुछ जवानों का हाल जानने के लिए गृह मंत्री अमित शाह सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, यहां 2 जवान भर्ती हैं। शाह ने तीरथराम अस्पताल में भर्ती जवानों का हाल भी जाना।

सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती जवान का हाल जानते हुए गृह मंत्री अमित शाह। दिल्ली में हिंसा के बाद की स्थिति पर गृह मंत्रालय लगातार नजर बनाए हुए है।
सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में भर्ती जवान का हाल जानते हुए गृह मंत्री अमित शाह। दिल्ली में हिंसा के बाद की स्थिति पर गृह मंत्रालय लगातार नजर बनाए हुए है।

हिंसा के बाद बिखरा किसान आंदोलन
मंगलवार की हिंसा के बाद किसान संगठनों में फूट भी जगजाहिर हो गई। बुधवार शाम 4 बजे राष्ट्रीय मजदूर किसान संगठन और भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने अचानक ऐलान कर दिया कि वे आंदोलन से अलग हो रहे हैं। इसके डेढ़ घंटे बाद ही खबर आ गई कि भानु गुट के किसानों ने चिल्ला बॉर्डर पर अपने टेंट हटाकर घर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा किसान संगठनों ने एक फरवरी का संसद मार्च टालने का ऐलान भी कर दिया।

इधर, किसान नेता युद्धवीर सिंह ने हिंसा की घटनाओं पर माफी मांगते हुए कहा कि ‘गणतंत्र दिवस के दिन जो हुआ वो शर्मनाक है। मैं गाजीपुर बॉर्डर के पास था। जो उपद्रवी वहां घुसे उनमें हमारे लोग शामिल नहीं थे। फिर भी मैं शर्मिंदा हूं और 30 जनवरी को उपवास रखकर हम प्रायश्चित करेंगे।’

Social Share

Advertisement