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छत्तीसगढ़ विधानसभा: खाद-बीज पर विपक्ष ने दिया स्थगन, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट सदस्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते पहुंचे गर्भगृह, हुए निलंबित…

8 hours ago
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन खान-बीज के मुद्दे पर शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव लाकर विपक्ष ने सरकार को घेरा. विपक्ष ने सरकार पर किसान विरोधी होने के साथ किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया. विषय पर मंत्री रामविचार नेताम के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते गर्भगृह में पहुंचे, जिसके बाद स्वमेव निलंबित हुए.

शून्यकाल में किसानों से जुड़ी समस्याएं, खाद और उन्नत बीज की कमी को लेकर स्थगन की सूचना देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि खाद के लिए किसान परेशान हो रहे हैं. खाद का कोटा भी कम किया गया है. बारिश भी कम हुई है, जिससे बोनी भी पिछड़ी हुई है. किसान खाद के लिए भटकते रहे, खाद्य सोसायटी मे उपलब्ध नहीं था, लेकिन व्यापारियों के पास उपलब्ध है, किसानों को लुटा जा रहा, बिजली की कटौती की जा रही है.

नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा कि डीएपी, पोटाश जैसे खाद नदारद है, किसान कृषि विभाग के कुप्रबन्धन का शिकार हो गए हैं. कई व्यापारियों ने खाद को खपाने के लिए जिस तरह दलाली शुरू कर दी है, वो चिंता का विषय है. किसानों पर चौतरफा प्रहार हो रहा है.

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि खाद और बीज की कोई कमी नहीं है. खाद और बीज की पर्याप्त उप्लवधता सुनिश्चित कर ली गई है. प्रदेश में उर्वरक का लक्ष्य 15.55 लाख मीटिक टन के विरुद्ध लक्ष्य का 90 प्रतिशत लगभग 14 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लिया गया है. मांग के विरुद्ध 96 प्रतिशत बीजों का भंडारण कर लिया गया है.

उन्होंने बताया कि वैकल्पिक श्रोत जैसे एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट की भी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. पिछली बार के मुकाबले इस बार 96 हजार मीट्रिक टन ज्यादा उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. खाद के 94 नमूने जहां से अमानक पाए गए उनपर कार्रवाई भी की है.

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष की सदन में नारेबाजी शुरू कर दी. सत्ता पक्ष की ओर से भी नारे लगाए जाने लगे. माहौल में तब और गर्मी आ गई, जब विपक्ष के विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंचे. गर्भगृह में पहुंचने से विपक्ष के विधायक स्वतः निलंबित हुए. निलंबन के बाद नारेबाजी करते हुए विपक्ष के विधायक सदन से बाहर निकल गए.

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