ताजा खबरें
  • breaking
  • Chhattisgarh
  • रामभद्राचार्य सनातन परंपरा का अपमान कर रहे है – कांग्रेस

रामभद्राचार्य सनातन परंपरा का अपमान कर रहे है – कांग्रेस

1 week ago
42

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बयान सत्य है – तिवारी

रायपुर/27 मई 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य के लगातार आ रहे राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि देश में संतो और गुरुओं का स्थान हमेशा से राजनीति से ऊपर और सर्वमान्य रहा है, लेकिन दुर्भाग्यवश जगद्गुरु रामभद्राचार्य अपने बयानों और रुख से संत परंपरा की गरिमा को गिराकर खुद को भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक के रूप में स्थापित कर चुके हैं। उनके बयान पूरी तरह से भाजपा के वैचारिक और चुनावी एजेंडे को लाभ पहुंचाने के लिए प्रायोजित प्रतीत होते हैं।

वरिष्ठ कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के बयान को सही ठहराते हुए कहा कि, रामभद्राचार्य के बयानों को सिलसिलेवार ढंग से रेखांकित करते हुए भाजपा और उनके अंतर्संबंधों पर कई गंभीर सवाल उठाए है।

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि..

ऽ रामभद्राचार्य जी का चुनावी एजेंट की तरह भविष्यवाणियां करना कथा के पवित्र मंचों से आएंगे तो मोदी ही जैसे नारे लगाना और भाजपा के लिए 350 से अधिक सीटें आने का दावा करना किसी संत का कार्य नहीं, बल्कि किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की भाषा है।

ऽ सितंबर 2025 – मेरठ की कथा के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को मिनी पाकिस्तान कहना। वोटों के ध्रुवीकरण और भाजपा को चुनावी फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से एक पूजनीय संत के मुख से ऐसे सांप्रदायिक और अमर्यादित बोल बेहद चिंताजनक है।

ऽ रामभद्राचार्य जी द्वारा, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मोहब्बत की दुकान को तुष्टिकरण की दुकान कहा और विपक्षी नेताओं को मंच से सरेआम मूर्ख कहना यह दर्शाता है कि वे भाजपा के प्रभाव में अपनी वैचारिक निष्पक्षता खो चुके हैं। संत का स्वभाव है कि, सभी को एक समान दृष्टि से देखना है, वह किसी एक दल के प्रति इतना अंधभक्त कैसे हो सकता है।

प्रदेश कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि भाजपा लगातार अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख संतों और धार्मिक गुरुओं का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। रामभद्राचार्य जी का यह कहना कि राजनीति मेरे पीछे चलती है पूरी तरह विरोधाभासी है, क्योंकि उनके कर्म और बयान बताते हैं कि वे खुद भाजपा की राजनीति के पीछे चल रहे हैं।

कांग्रेस वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा, संतों का मूल कार्य समाज को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान और धर्म के मार्ग पर ले जाना है। सत्य और धर्म का मार्ग दिखाना, लोकमंगल और समाज कल्याण, समदर्शिता का प्रसार, क्षमा और करुणा का साक्षात स्वरूप होता है, ना कि राजनीतिक बयानबाजी करना। देश और प्रदेश की जनता अब भाजपा की इस ध्रुवीकरण और नफरत की राजनीति को समझ चुकी है।

 

Social Share

Advertisement