दमघोंटू हवा से फेफड़ों की सुरक्षा करेंगे ये 5 मसाले, बनेंगे शरीर की ढाल

आपके किचन में कई ऐसे मसाले मौजूद हैं, जो सांस से जुड़ी दिक्कतों में सहायक हो सकते हैं। इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और डिटॉक्स गुण फेफड़ों को साफ रखने और स्मॉग से होने वाली समस्याओं को कम करने में सहायक होते हैं।
दिल्ली में सर्दियों के साथ ही वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, जिससे सांस से जुड़ी दिक्कतें आम हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में मास्क और एयर प्यूरिफायर जितने जरूरी हैं, उतना ही जरूरी है फेफड़ों को अंदर से मजबूत बनाना।
आपकी किचन में मौजूद कुछ देसी मसाले इसमें बड़ी मदद कर सकते हैं। इनमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और डिटॉक्स गुण फेफड़ों को साफ रखने और स्मॉग से होने वाली समस्याओं को कम करने में सहायक होते हैं। आइए इस पर एक नजर डालते हैं।
हल्दी
हल्दी बेहद गुणकारी होती है, जो भारतीय रसोई का मुख्य मसाला होने के साथ-साथ सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण प्रदूषित हवा से होने वाली जलन को शांत करते हैं। हल्दी कंजेशन कम करने और फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
अदरक
अदरक की तासीर गर्म होती है, जो सर्दियों और स्मॉग के मौसम में गले की खराश व सीने में भारीपन से राहत दिलाती है। अदरक में मौजूद पोषक तत्व एयरवेज की सूजन कम करने, बलगम साफ करने और लगातार खांसी में आराम पहुंचाने में सहायक होते हैं।
तुलसी के पत्ते
तुलसी न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सांस संबंधी समस्याओं में भी बेहद लाभकारी है। इसके एंटी-माइक्रोबियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और डिटॉक्स गुण स्मॉग से होने वाली जलन, गले की खराश और सीने के दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
काली मिर्च
काली मिर्च बंद नाक को खोलने और बलगम को बाहर निकालने में प्रभावी मानी जाती है। यह वायु प्रवाह को बेहतर बनाती है और ब्लड सर्कुलेशन सुधारकर स्मॉग के कारण होने वाली सीने की जकड़न में राहत देती है।
मुलेठी
मुलेठी लंबे समय से खांसी और गले की समस्याओं के लिए उपयोग की जाती रही है। यह सूखी खांसी, गले की खराश और रेस्पिरेटरी सिस्टम में होने वाली जलन को शांत करती है। स्मॉग के मौसम में यह फेफड़ों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।