राहुल गांधी के साथ जिलाध्यक्षों के नामों पर चर्चा पूरी:दीपक बैज और चरणदास महंत आज होंगे दिल्ली रवाना, अगले 48 घंटे के अंदर जारी होगी सूची

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव का इंतजार अब खत्म होने वाला है। जिलाध्यक्षों की नई सूची किसी भी वक्त जारी हो सकती है, कल देर रात दिल्ली में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की बैठक हुई, जिसमें जिलाध्यक्षों के नामों पर विस्तार से चर्चा की गई। अब सोमवार को एआईसीसी की बैठक में इन नामों पर अंतिम मुहर लगनी तय मानी जा रही है। इस बैठक में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज और प्रदेश के तीनों प्रभारी भी मौजूद रहेंगे।
हर जिले के लिए 6-6 नामों का है पैनल
कांग्रेस ने ‘संगठन सूजन अभियान’ के दौरान 9 से 17 अक्टूबर तक प्रदेश के 41 जिलों में पर्यवेक्षक भेजे थे। हर जिले से छह नामों का पैनल तैयार कर एआईसीसी को भेजा गया था। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर शॉर्टलिस्ट बनाई गई। राहुल गांधी के साथ हुई चर्चा के बाद अब नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं। कांग्रेस बिहार चुनाव के बाद अब पूरी तरह संगठन को मजबूत करने में जुटी है, इसलिए छत्तीसगढ़ में यह फेरबदल अहम माना जा रहा है।
किस जिले से कौन हैं दावेदार
कांग्रेस संगठन में जिलाध्यक्षों की दौड़ में कई नामों की चर्चा है—
रायपुर शहर: सुबोध हरितवाल, श्रीकुमार मेनन, विनोद तिवारी
रायपुर ग्रामीण: प्रवीण साहू, उधोराम वर्मा, भावेश बघेल
कोरबा शहर: नत्थू, पालू राम
कोरबा ग्रामीण: मनोज
खैरागढ़: सुनील, अशोक साहू, हेमंत वैष्णव, रंजीत चंदेल
धमतरी: निशू, तारणी, पंकज महावर
इस बार कांग्रेस के संगठन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 41 जिलाध्यक्षों में से केवल पांच को ही दोबारा मौका मिल सकता है, क्योंकि ये नियुक्तियां अभी कुछ महीने पहले ही हुई थीं। बाकी जिलों में नए चेहरे सामने आने तय हैं। कांग्रेस पहली बार परफॉर्मेंस-बेस्ड सिस्टम अपना रही है, जिसमें हर छह महीने में जिलाध्यक्षों के काम की समीक्षा होगी। दुर्ग, पाटन, सरगुजा, अंबिकापुर और बलरामपुर के जिलाध्यक्ष दोबारा अपनी कुर्सी बचा सकते हैं। नई सूची जारी होने से पहले ही पूरे प्रदेश में चर्चा तेज है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अगले 48 घंटे बेहद अहम रहने वाले हैं।