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मृत व्यक्ति के नाम पर संचालित हो रहा ‘मां दंतेश्वरी ट्रामा एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल’, कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने…

7 months ago
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जगदलपुर। बस्तर जिले के दलपत सागर वार्ड स्थित मां दंतेश्वरी ट्रामा एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल एक बार फिर विवादों में घिर गया है. आरोप है कि यह अस्पताल एक मृत व्यक्ति के नाम पर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है. यह मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है, जहां कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं.

सरकार ही मृत अवस्था में है : PCC चीफ दीपक बैज

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकार ही मृत नजर आ रही है. दीपक बैज ने यह भी कहा कि जगदलपुर शहर के भीतर अवैध रूप से अस्पताल चलना यह सीधे-सीधे जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है स्वास्थ्य विभाग को तुरंत इस पर कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन स्वास्थ्य विभाग मुखदर्शक बनकर बैठा है.

उन्होंने कहा कि अगर सरकार में कोई जीवित होता तो जनता के लिए कुछ अच्छा करता. कानून व्यवस्था बदहाल है, दस हज़ार स्कूल बंद हो चुके हैं, स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है, युवाओं के लिए नौकरियां नहीं हैं, किसान खाद के लिए भटक रहे हैं और जंगल कट रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार में बचा ही क्या है. उन्होंने आगे कहा कि आपका सवाल अच्छा है, लेकिन जवाब यह है कि ये सरकार ही डेड हो चुकी है.

विपक्ष की मजबूरी में की जा रही बयानबाजी : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल 

कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल ने कहा कि दीपक बैज विपक्ष में रहकर मजबूरी में बयानबाजी कर रहे हैं. वे खुद विधायक और सांसद रह चुके हैं, उन्हें मालूम होना चाहिए कि कांग्रेस के कार्यकाल में बस्तर की क्या स्थिति थी. कभी चिंता गुफा नक्सलियों का अड्डा हुआ करता था, लेकिन आज वहां का अस्पताल भारत सरकार से उच्च गुणवत्ता का प्रमाणपत्र पा चुका है. मुख्यमंत्री और मंत्री लगातार बस्तर के विकास को लेकर दौरे कर रहे हैं. हालांकि स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि मृत व्यक्ति के नाम पर संचालित हॉस्पिटल की जांच कराई जाएगी और नियमों के तहत कार्रवाई होगी.

बड़ा सवाल यह है कि यह मामला बीते एक महीने से सामने आ रहा है, लेकिन अब तक सिर्फ 20 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई स्वास्थ विभाग के तरफ से की गई है. जबकि आज भी अस्पताल मृतक के नाम पर ही संचालित हो रहा है. ऐसे में अब देखना होगा कि क्या इस अस्पताल पर वास्तव में कार्रवाई होती है या यह मामला भी राजनीतिक बयानबाजियों की भेंट चढ़ जाएगा.

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