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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गोशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल; संतों ने की गोधन न्याय योजना की तारीफ

4 years ago
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The Chief Minister reached the Gaushala inauguration program, left the  stage in honor of the saints and sat down | गोशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए  शामिल; संतों ने की गोधन न्याय

भिलाई, 11 दिसंबर 2021/  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जांजगीर में आयोजित रोहणी गोशाला के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर कई संत भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने यहां पहले संतों से आर्शीवाद लिया। इसके बाद वे मंच पर लगे कुर्सी को छोड़कर जमीन पर ही बैठ गए। सीएम ने यहां निकुंज आश्रम की विभिन्न मांगों को पूरा करने के लिए 50 लाख रुपए की देने की घोषणा भी की है।

गोशाला के शुभारंभ के अवसर पर तिरखेड़ी आश्रम के महाराज रामज्ञानी दास और महंत कमललोचन दास महाराज सहित कई संत पहुंचे हुए थे। शुक्रवार शाम जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कार्यक्रम में पहुंचे तो उनके बैठने के लिए मंच पर कुर्सी रखी गई थी। मुख्यमंत्री ने मंच के आसन पर विराजित ना होकर संतों के सम्मान में नीचे बैठना उचित समझा। इस पर मौजूद संतों ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा भी की।

संतों ने कहा कि भारत में परंपरा रही है कि हमेशा से धर्मगुरु ऊपर विराजित होते हैं और राजा उनका सम्मान करते हुए नीचे स्थान ग्रहण करते हैं। मुख्यमंत्री ने यह परंपरा निभाई है। उनकी नम्रता प्रशंसनीय है। संतों ने इस मौके पर मुख्यमंत्री के गोधन न्याय योजना की विशेष तौर पर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गो माता के संरक्षण के लिए जो यह कार्य मुख्यमंत्री ने शुरू किया है वह प्रशंसनीय है।

धर्म, अर्थ, काम जीवन का आधार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भारतीय परंपरा में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को जीवन का आधार कहा गया है। इसकी सबसे पहली कड़ी अर्थ है। गोधन और कृषि तभी सुदृढ़ होंगे जब अर्थ सुदृढ़ होगा। इस दृष्टि से यह गोधन न्याय योजना शुरू की गई है।

अब किसानों के खेतों में पैरा नहीं जलता

मुख्यमंत्री ने कहा एक अच्छे कार्य का जब सिलसिला बन जाता है तो इससे बहुत से अच्छे कार्यों का रास्ता इससे खुल जाता है। हमने गायों के संरक्षण के लिए गौठान शुरू किया। गौठानों के लिए पैरादान आरंभ कराया और अब अधिकांश लोग पैरा को जलाने की जगह उसे दान करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा वह जब भी हेलिकॉप्टर से कहीं जाते हैं तो देखते हैं कि अब किसान के खेतों में पैरा जलते नहीं हैं। गोधन मजबूत होने से छत्तीसगढ़ की कृषि भी मजबूत हुई है।

गोधन न्याय योजना ने बढ़ाई आमदनी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज जो भी हितग्राही गोधन न्याय योजना से जुड़ा है वह महीने में तीन हजार से 30 हजार रुपए तक कमा रहा है। इससे वर्मी कंपोस्ट की राह भी खुली है और खेतों को संजीवनी देने जैविक खेती की भी ठोस नींव तैयार हुई है।

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