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स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 28 मिनट के भाषण में महात्मा गांधी से लेकर छत्तीसगढ़ की सेनानी बेलाबाई तक को याद किया

5 years ago
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रायपुर, 15 अगस्त 2021/   मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश की जनता के नाम संबोधन में अतीत की परंपरा और संघर्षों के साथ मौजूदा चुनौतियों पर बात की। करीब 28 मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महात्मा गांधी से लेकर छत्तीसगढ़ की स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बेलाबाई तक को याद किया। उत्तर प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए बलिदान हुए गणेश शंकर विद्यार्थी को विशेष तौर पर याद करते हुए उन्होंने कहा, ऐसे शहीदों को आज ही के दिन नहीं, हर रोज याद करने की जरूरत है।

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, 15 अगस्त 1947 को हमें आजादी मिली थी और आज के दिन हम 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। भारत ने दो शताब्दी से अधिक समय तक अंग्रेजों की प्रताड़ना और उनका शासन सहा है। गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए भारत माता के हजारों-हजार सपूतों और सुपुत्रियों ने अपना सर्वस्व त्याग किया। हंसते-हंसते बलि वेदी पर चढ़ गए। उन वीरों को याद करते ही हमारी नसों में अपने महान पुरखों का खून उबलने लगता है और उन सबके त्याग के बारे में सोचकर आंखें नम हो जाती हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के साथ ही एक के बाद एक हजारों चेहरे नजरों के सामने आने लगते हैं। अमर शहीद गैंदसिंह, वीर नारायण सिंह, मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मी बाई, वीरांगना अवंति बाई लोधी, लाल-बाल-पाल, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुुल कलाम आजाद जैसे नामों का एक कारवां बनता चला जाता है।

हमारे छत्तीसगढ़ के वीर गुण्डाधूर, पं. रविशंकर शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, डॉ. खूबचंद बघेल, पं. सुंदरलाल शर्मा, डॉ. ई.राघवेन्द्र राव, क्रांतिकुमार, बैरिस्टर छेदीलाल, लोचन प्रसाद पाण्डेय, यतियतन लाल, मिनीमाता, डॉ. राधाबाई, पं. वामनराव लाखे, महंत लक्ष्मीनारायण दास, अनंतराम बर्छिहा, मौलाना अब्दुल रऊफ खान, हनुमान सिंह, रोहिणी बाई परगनिहा, केकती बाई बघेल, बेला बाई जैसे अनेक क्रांतिवीरों और मनीषियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

 

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, भारत में सामाजिक सौहार्द्र, नागरिकों के बीच एकता और देश की अखण्डता को बचाए रखने के लिए भी अनेक सपूतों ने कुर्बानी दी। उत्तर प्रदेश में गणेश शंकर विद्यार्थी शहीद हुए थे। उन्हीं मूल्यों और सिद्धांतों के लिए महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी भी शहीद हुए। शहादत की यह परंपरा इतनी विस्तृत है कि हर प्रदेश में, ऐसी हस्तियों की यादें समाई हुई हैं, जिन्हें सिर्फ आज के दिन ही नहीं बल्कि हर दिन याद करने और उनके बताए रास्ते पर चलने की जरूरत है।

 

सैनिकों को भी नमन किया

मुख्यमंत्री ने कहा, देश की सीमाओं की चौकसी करने वाले सैनिकों और देश के भीतर सुरक्षा बलों में काम कर रहे लाखों जवानों को भी मैं नमन करता हूं। मोर्चों पर जिनकी मौजूदगी से हम सुरक्षित महसूस करते हैं।

 

कहा- अब, हम पर है नवा भारत गढ़ने की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने संदेश में कहा कि 75वां स्वतंत्रता दिवस एक ऐसा पड़ाव है, जहां पर खड़े होकर हमें अपनी विरासत पर गर्व भी होता है और जिसके आगे ‘नवा भारत’ गढ़ने की जिम्मेदारी भी हमें उठानी है। मुझे खुशी है कि अपनी धरोहर का सम्मान करते हुए हमने ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने का जो अभियान पौने तीन वर्ष पहले शुरू किया था, उसका असर न सिर्फ हमारे प्रदेश में दिख रहा है, बल्कि नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के हमारे प्रयासों ने पूरे देश में भी एक नई उम्मीद जगाई है। मुझे यह कहते हुए भी बहुत खुशी हो रही है कि विकास का ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ वास्तव में आजादी के दीवानों के सपनों को साकार कर रहा है। विकास की हमारी समझ, उन मानवीय मूल्यों से प्रेरित है, जो आजादी के आंदोलन की बुनियाद थे।

 

संविधान के रास्ते पर ही चलने का संकल्प लिया

मुख्यमंत्री ने कहा, देश को अभी कुछ प्रतिक्रियावादी ताकतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता, व्यक्ति की गरिमा तथा राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बंधुता का रास्ता अपनाना, तब भी हमारी जरूरत थी और आज भी हमें इसकी जरूरत है। आज इस पावन तिरंगे की छांव में खड़े होकर हम एक बार फिर यह संकल्प लेते हैं कि गांधी-नेहरू-अम्बेडकर के रास्ते पर, संविधान के सिद्धांतों पर चलेंगे, भले ही रास्ता कितना भी कठिन और चुनौतियों से भरा क्यों न हो।

 

ध्वजारोहण के बाद गार्ड ऑफ ऑनर हुआ

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ठीक 9 बजे पुलिस परेड ग्राउंड पहुंचे। मुख्य सचिव अमिताभ जैन और पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने उनका स्वागत किया। मंच पर पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने झंडा फहराया। उसके बाद पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने जनता के नाम अपना संदेश पढ़ा।

 

कोरोना वॉरियर्स को सम्मानित किया

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दौरान 22 कोरोना वॉरियर और 4 जिला अस्पतालों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित करने वालों को मुख्य मंच पर नहीं बुलाया गया। बल्कि उनकी जगह पर जाकर ही प्रशस्तिपत्र दिया गया। बाद में मुख्यमंत्री ने कोरोना वॉरियर डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिस कर्मियों और प्रशासनिक अमले और स्वयंसेवी संस्थाओं की कोरोना काल में की गई सेवाओं के लिए आभार जताया।

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