ताजा खबरें
  • breaking
  • Chhattisgarh
  • छत्तीसगढ़ के 13 साहित्यकारों को सम्मान : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले – हमारी मातृ भाषा हमारा अभिमान है, इसको संवार रही है उनकी सरकार

छत्तीसगढ़ के 13 साहित्यकारों को सम्मान : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले – हमारी मातृ भाषा हमारा अभिमान है, इसको संवार रही है उनकी सरकार

3 years ago
149

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले - हमारी मातृ भाषा हमारा अभिमान है, इसको संवार  रही है उनकी सरकार | Honor to 13 litterateurs of Chhattisgarhi: Chief  Minister Bhupesh Baghel said - Our ...

रायपुर, 28 नवंबर 2022/  छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के 13 साहित्यकारों को सम्मानित किया। यह समारोह मुख्यमंत्री निवास में आयोजित किया गया था। संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के आयोजन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ी हमारी मातृभाषा है और यह हमारा अभिमान है। उनकी सरकार इसको संवारने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश वासियों को राजभाषा दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ी हमारी मातृ भाषा और हमारा अभिमान है जिसको संवारने और आगे बढ़ाने का काम छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार लगातार कर रही है। उनकी सरकार ने अरपा पैरी के धार को राजगीत बनाया और सरकारी स्कूलों में छत्तीसगढ़ी भाषा में पढ़ाई लिखाई शुरू करवाई। मुख्यमंत्री ने कहा, हर छत्तीसगढ़िया की जिम्मेदारी है कि वो छत्तीसगढ़ी को आगे बढ़ाने का काम करे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्थानीय तीज त्यौहारों और खेलों को बढ़ावा देकर देश दुनिया में छत्तीसगढ़ी को पहचान दिलाने का काम कर रही है। कार्यक्रम में 10 साहित्यकारों की पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। यह पुस्तकें राजभाषा आयोग ने प्रकाशित की हैं। इस दौरान संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी. और संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य भी मौजूद रहे।

इन साहित्यकारों को मिला सम्मान

जागेश्वर प्रसाद जिला- रायपुर, रामेश्वर शर्मा जिला रायपुर, डॉ जेआर सोनी जिला- दुर्ग, पीसी लाल यादव जिला सक्ती, दुर्गा प्रसाद पारकर जिला रायपुर, रामनाथ साहू जिला- रायपुर, शसोरिन चन्द्रसेन जिला- महासमुंद, परमानंद वर्मा जिला खैरागढ़, बुधराम यादव जिला बिलासपुर, रंजीत सारथी जिला- सरगुजा डॉ. शैल चन्द्रा जिला धमतरी, डुमन लाल ध्रुव जिला धमतरी और रुद्र नारायण पाणिग्राही जिला-जगदलपुर।

इनकी किताबों का विमोचन हुआ

महेत्तरू मधुकर की रचना गुरतुर भाखा, डॉ. सुरेश कुमार शर्मा की वाल्मिकी रामायण, सुखदेव सिंह अहिलेश्वर की बंगस्य छन्द अंजोर, तेजपाल सोनी की श्रीमदभागवत गीता, सुमन लाल ध्रुव की गांव ल सिरजाबो, राजेन्द्र प्रसाद सिन्हा की अमरईया हे मनभावन, कमलेश प्रसाद शरमा बाबू की कुटिस बंदरा जझरग-जझरग, डॉ. शिल्पी शुक्ला की छत्तीसगढ़ महिला लेखन और उर्मिला शुक्ल की रचनाएं व पी.सी. लाल यादव की कृतियों का विमोचन हुआ है।

Social Share

Advertisement