ताजा खबरें
  • breaking
  • Chhattisgarh
  • वनोपज आधारित उद्योगों का बड़ा बाजार बनेगा छत्तीसगढ़

वनोपज आधारित उद्योगों का बड़ा बाजार बनेगा छत्तीसगढ़

3 years ago
133

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में 61 लघु वनोपज का मिलेगा समर्थन मूल्य  support price, कितने रुपए में खरीदेगी सरकार और किसे होगा फायदा?

बिलासपुर, 25 नवंबर 2022/ आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ राज्य देश के नक्शे पर वनोपज आधारित उद्योग और उत्पाद के लिए अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहेगा। वनोपज का बेहतर उपयोग और उत्पाद के रूप में निर्माण के लिए राज्य शासन ने उद्योगपतियों से अनुबंध किया है। छत्तीसगढ़ में वनोपज आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने अहम निर्णय लिया गया।

इसके तहत त्रिपक्षीय एमओयू के आधार पर स्थापित वनोपज आधारित उद्योगों द्वारा उत्पाद निर्माण किए जाएंगे। निर्मित उत्पादों को छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड अंतर्गत 40 प्रतिशत की छूट के साथ राज्य सरकार खरीदेगी। संजीवनी व अन्य माध्यमों से फिर विक्रय का काम करेगी। शासन के इस फैसले से छत्तीसगढ़ हर्बल्स के अंतर्गत उत्पादों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही उद्योगों को अपना हर्बल्स उत्पाद विक्रय करने में एक बड़ा प्लेटफार्म मिलेगा। इसमे उत्पादों के बिक्री की गारंटी रहेगी। जिससे वनोपज आधारित उद्योगों की स्थापना को और प्रोत्साहन मिलेगा।

मालूम हो कि वनोपज आधारित उद्योगों के साथ किए गए त्रिपक्षीय एमओयू के अंतर्गत लघु वनोपज संघ द्वारा कच्चा वनोपज निश्चित दर पर उपलब्धता के आधार पर प्रदान किया जाएगा तथा उद्योगों द्वारा तैयार उत्पादों का विक्रय व विपणन में सहायता प्रदान की जाएगी।

अभी ये है व्यवस्था
कलेक्टर सेक्टर के स्व-सहायता समूहों के माध्यम से निर्मित उत्पादों को 35 फीसद छूट के साथ आवश्यकता के अनुसार खरीदी की जा रही है। इसके बाद अन्य शासन द्वारा तय किये गए माध्यम से विक्रय किया जा रहा है। एमओयू के तहत स्थापित उद्योगों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को छत्तीसगढ़ हर्बल्स के ब्रांडिंग व विपणन के लिए पांच फीसद राशि अतिरिक्त रखते हुए 40 प्रतिशत की छूट के साथ आवश्यकता व मांग के अनुसार खरीदी व बिक्री करने का निर्णय लिया गया है। इससे छत्तीसगढ़ हर्बल्स के अंतर्गत उत्पादों की संख्या बढ़ेगी तथा उद्योगों को भी अपना हर्बल्स उत्पाद बेचने के लिए एक अतिरिक्त माध्यम मिलेगा।
इन उद्योगों ने शुरू किया उत्पादन
त्रिपक्षीय अनुबंध के तहत दो उद्योगों द्वारा हर्बल उत्पाद का उत्पादन शुरू किया गया है। अवनि आयुर्वेदा लिमिटेड रायपुर द्वारा मिलेट आधारित उत्पाद तथा कोसर एग्रो प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इमली से संबंधित उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हर्बल उत्पाद करने वाले उद्योगों की संख्या बढ़ेगी।
वन विभाग की संजीवनी में मिल रहा उत्पाद
हर्बल उत्पादों का प्रदेश में सबसे बड़ा विक्रय केंद्र वन विभाग द्वारा संचालित संजीवनी है। यहां हर्बल उत्पादों की बिक्री की जा रही है। शहरवासियों के अलावा ग्रामीणों के बीच भी इन उत्पादों की अच्छी खासी मांग है।
Social Share

Advertisement