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चिटफंड घोटाले में मनी लांड्रिंग! : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक ही दिन में ED को दूसरा पत्र, डॉ. रमन सिंह पर आरोप

2 years ago
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Chhattisgarh News | CM's letter to ED: Urges to investigate NAN and chit fund scam, said- BJP started the offices of chit fund companies | सीएम का ED को पत्र : नान

रायपुर, 08 नवंबर 2022/  छत्तीसगढ़ के चिटफंड घोटाले में मनी लांड्रिग हुई थी। यह संभावना राज्य सरकार जता रही है। सीधा आरोप पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कई नेताओं और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय-ED को पत्र लिखकर इस घोटाले की जांच की मांग की है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को राजीव भवन के बाहर पत्रकारों से कहा, साल 2009 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकार ने प्रदेश के हर जिले में चिटफंड कंपनियों के लिए रोजगार मेला लगाया। जिला रोजगार अधिकारियों ने बकायदा इसका निमंत्रण दिया। इन रोजगार मेलों में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, उनकी पत्नी वीणा सिंह, उनके पुत्र अभिषेक सिंह, भाजपा सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मुख्य अतिथि और अध्यक्ष बनकर शामिल हुए। इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने इन कंपनियों में निवेश किया।

साल 2010 से 2016 के बीच चिटफंड कंपनियों में लूट की शिकायतें मिलने लगी थी। कुछ कंपनियों पर कार्यवाही हुई, उनके कार्यालय सील किये गये। लेकिन बाद में राजनीतिक संरक्षण की वजह से कार्यालय फिर से खोल दिये गये। इस बीच SEBI ने चिटफंड कंपनियों के कामकाज को अवैध घोषित कर दिया था, लेकिन छत्तीसगढ़ में उनका धंधा चलता रहा। इस बीच 161 कंपनियों पर 310 से अधिक एफआईआर दर्ज हुई। धोखाधड़ी की वजह से 57 एजेंटों ने आत्महत्या कर ली। कई लोगों की हत्या हो गई।

लेकिन सरकार ने इन कंपनियों से कोई वसूली नहीं हुई। इस मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर हुई है। न्यायालय के आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह के खिलाफ भी एफआईआर हुई है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है, चिटफंड के काल में ही डॉ. रमन सिंह और उनके बेटे अभिषेक सिंह की संपत्ति बिना किसी व्यवसाय के बढ़ती रही। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि अगर इस मामले की शीघ्र जांच नहीं की गई तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

6500 करोड़ का घोटाला

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया, चिटफंड में लुटे निवेशकों से अब तक 25 लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं। उनकी गणना से यह साफ हुआ है कि चिटफंड से धोखाधड़ी का यह मामला छह हजार 500 करोड़ रुपए से अधिक का है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने अब तक इस मामले से जुड़ी 447 एफआईआर दर्ज किये हैं।

यहां पढ़िये मुख्यमंत्री की चिट्‌ठी

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