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न्यूड पार्टी मामले को लेकर PCC चीफ बैज ने BJP पर साधा निशाना, कहा- बिना सरकार की शह के इस तरह की आपत्तिजनक घटनाएं संभव ही नहीं, धान खरीदी पर उठाए सवाल

6 months ago
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रायपुर। राजधानी रायपुर में न्यूड पार्टी मामले ने पूरे छत्तीसगढ़ की सियासत को गरमा दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस विवाद को भाजपा सरकार की “नग्न सोच” करार देते हुए सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने धान खरीदी की तैयारियों में खामियों और किसानों से जुड़े संकट को लेकर भी सरकार को घेरा। वहीं एशिया कप में भारत-पाकिस्तान मैच पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहीद जवानों की शहादत के बीच क्रिकेट आयोजन कर सरकार ने पाकिस्तान के सामने सरेंडर जैसा कदम उठाया है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने राजधानी रायपुर में बीते दिनों वायरल हुए न्यूड पार्टी इनविटेशन कार्ड के मामले को लेकर भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यह पूरा मामला सरकार की “नग्न सोच” को उजागर करता है।

बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के संरक्षण में ही ऐसे अराजक तत्व बेलगाम हो रहे हैं। उन्होंने कहा- “बिना सरकार की शह के इस तरह की आपत्तिजनक घटनाएं संभव ही नहीं हैं। यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बिगाड़ने की एक साजिश है। राज्य में गलत परंपरा शुरू करने का काम चल रहा है।”

धान खरीदी पर सरकार को घेरा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने धान खरीदी उपसमिति की बैठक के फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैठक में किसानों के पंजीयन के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल का जिक्र किया गया, लेकिन वह पोर्टल आज तक सही ढंग से चालू ही नहीं हुआ है। बैज ने ग्रामीण इलाकों की नेटवर्क समस्या को भी बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि सरकार किसानों के साथ छल कर रही है।

“कांग्रेस की मांग है कि पुरानी पद्धति को सरल बनाकर धान खरीदी की प्रक्रिया चलाई जाए। सरकार की मंशा साफ नहीं है। वह समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ही नहीं करना चाहती।”

भारत-पाक मैच पर उठाए सवाल

एशिया कप में आज होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर भी बैज ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि हाल ही में 26 परिवारों का सिंदूर उजड़ा है, शहीद जवानों की शहादत अभी ताज़ा है, और प्रधानमंत्री खुद कहते हैं कि “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।”

“जब गोली और आतंकवाद एक साथ चल रहे हैं तो क्रिकेट कैसे खेला जा सकता है? देश की जनता युद्ध के समय सरकार के साथ खड़ी रही है। आज भी माताएं-बहनें न्याय की प्रतीक्षा कर रही हैं। ऐसे हालात में भारत-पाकिस्तान मैच कराने की कोई जरूरत नहीं थी। क्या सरकार पाकिस्तान के सामने सरेंडर कर चुकी है?”

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