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कांग्रेस की जनसभा में गुटीय राजनीति का असर, भीड़ की कमी ने बढ़ाई मुश्किलें, दावा था 25 हजार लोगों का, लेकिन खाली पड़ीं आधी कुर्सियां

6 months ago
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बिलासपुर।  कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित “वोट चोर गद्दी छोड़” आंदोलन की जनसभा में गुटीय राजनीति का असर स्पष्ट रूप से देखने को मिला। जिला और शहर कांग्रेस कमेटी ने सभा में 25 हजार से अधिक लोगों की उपस्थिति का दावा किया था, लेकिन मौके पर स्थिति कुछ और ही थी। सभा स्थल पर आधी से अधिक कुर्सियां खाली पड़ी थीं और जो लोग मौजूद थे, वे प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के भाषण की शुरुआत होते ही उठकर जाने लगे। इस पर माहौल फीका पड़ गया और सभा का जोश गिरता चला गया।कांग्रेस नेताओं की ओर से 25 हजार की भीड़ का दावा ध्वस्त,कार्यकर्ताओं में उत्साह की भारी कमी साफ दिखाई दी, और पार्टी के बड़े नेताओं के भाषणों के बावजूद भीड़ में कोई बदलाव नहीं आया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, और अंत में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के भाषण के दौरान भी भीड़ कम होती गई। प्रदेश स्तरीय सभा में इस तरह की फजीहत पहले कभी नहीं देखी गई।

कांग्रेस के अंदर की गुटीय राजनीति को लेकर एक और विवाद ने तूल पकड़ लिया। एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट के भाषण के दौरान, गुस्से और आक्रामकता के साथ विजय जांगिड़ ने अमर जीत सिंह भगत से माइक छीन लिया। विजय जांगिड़ ने माइक हाथ में लेते हुए सचिन पायलट के आगमन को लेकर बयान देना शुरू कर दिया। यह घटना गुटबाजी को लेकर पार्टी में जारी संकट को साफ तौर पर उजागर करती है।सचिन पायलट के नेतृत्व में होने वाली आगामी राजनीतिक गतिविधियों और इस गुटीय संघर्ष के बीच, कांग्रेस पार्टी को आने वाले समय में एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

 

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