बस्तर में बाढ़ पीड़ितों से PCC चीफ बैज ने की मुलाक़ात: ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं, CMHO को फोन पर लगाई फटकार, बोले– “मुख्यालय से लगे गांवों में ही सुविधाएं नहीं, तो अंदरूनी इलाकों का क्या होगा हाल?”

जगदलपुर। बरसात से बेहाल बस्तर संभाग में बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बाद बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा ज़िलों में हालात बिगड़ गए हैं। कई गांवों में न केवल लोगों के घर और रास्ते जलमग्न हो गए हैं, बल्कि स्वास्थ्य और राहत व्यवस्थाओं की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। इन्हीं हालातों का जायज़ा लेने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
शनिवार को बैज दंतेवाड़ा ज़िले के चूड़ी टिकरा गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनसे सीधे अपनी समस्याएं साझा कीं। लोगों ने बताया कि अब तक उन्हें समुचित स्वास्थ्य सेवाएं और राहत सामग्री नहीं मिल पाई है। ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर दीपक बैज ने मौके पर ही दंतेवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को फोन लगाया और लापरवाही पर कड़ी नाराज़गी जताई।
बैज ने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित लोग भोजन जैसी बुनियादी ज़रूरतों के लिए भी तरस रहे हैं, जबकि प्रशासन की ज़िम्मेदारी है कि उन्हें तुरंत राहत पहुंचाई जाए। उन्होंने साफ़ निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग की गाड़ियां लगातार प्रभावित गाँवों में पहुंचें, हर ग्रामीण की जांच और इलाज सुनिश्चित हो और जिनकी हालत गंभीर है उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाकर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए।
उनका कहना था कि आपदा की इस घड़ी में प्रशासन की लापरवाही अस्वीकार्य है, और बाढ़ से प्रभावित हर व्यक्ति तक राहत और स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाना सरकार की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है।