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‘जय श्री राम, दर्दनाक 15 साल अब…’ पहला IPL विकेट लेने के बाद 33 साल के खिलाड़ी ने दिखाई पर्ची, इमोशनल मैसेज हुआ वायरल

1 month ago
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IPL 2026: मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम सोमवार की शाम न केवल मुंबई इंडियंस की जीत, बल्कि एक खिलाड़ी के 15 साल के लंबे सब्र और संघर्ष का गवाह बना। मुंबई इंडियंस के 33 वर्षीय लेग स्पिनर रघु शर्मा ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ अपना पहला आईपीएल विकेट लेने के बाद एक ऐसी पर्ची दिखाई, जिसने उनके 15 साल के संघर्ष, धैर्य और इंतजार की कहानी को भी सामने रख दिया। उनका ये भावुक कर देने जश्न सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बता दें कि आईपीएल सीजन 19 के 47वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस के 33 वर्षीय लेग स्पिनर रघु शर्मा ने अपने दूसरे ही IPL मैच में डेब्यू कर रहे बल्लेबाज अक्षत रघुवंशी को आउट कर पहली सफलता दर्ज की। उनकी फ्लाइटेड गेंद पर रघुवंशी गलत शॉट खेल बैठे और आसान कैच देकर पवेलियन लौट गए।

नोट दिखाकर किया भावुक जश्न

विकेट लेने के बाद रघु शर्मा ने बेहद अनोखे अंदाज में जश्न मनाया। उन्होंने अपनी जेब से एक लिखा हुआ नोट निकाला और कैमरे की ओर दिखाया। उस नोट में लिखा था- “राधे राधे। गुरुदेव की दिव्य कृपा से बहुत ही दर्दनाक 15 साल आज समाप्त हो गए। मुंबई इंडियंस (ब्लू और गोल्ड) को धन्यवाद, जिन्होंने मुझे यह अवसर दिया। मैं हमेशा आभारी रहूंगा। जय श्री राम।”

इस दौरान मैदान पर मौजूद खिलाड़ी भी इसे देखकर हैरान रह गए। खासकर जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव और दीपक चहर का रिएक्शन भी सोशल मीडिया पर वायरल है।

रघु शर्मा का यह संदेश देखते ही स्टेडियम और सोशल मीडिया दोनों पर भावनात्मक माहौल बन गया।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

गौरतलब है कि इससे पहले रघु शर्मा को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, लेकिन तब वह विकेट नहीं ले पाए थे। हालांकि लखनऊ के खिलाफ अपने दूसरे ही मैच में उन्होंने 4 ओवर में 36 रन देकर 1 विकेट हासिल किया और टीम को अहम सफलता दिलाई।

रघु ने अपनी स्पिन गेंदबाजी से बीच के ओवरों में लखनऊ के बल्लेबाजों को खासा परेशान किया और रन गति पर भी नियंत्रण बनाए रखा।

घरेलू क्रिकेट से IPL तक का सफर

18 के बाद गंभीरता से क्रिकेट खेलना शुरू किया

जालंधर में जन्मे रघु शर्मा का क्रिकेट सफर आसान नहीं रहा। 18 साल की उम्र के बाद गंभीरता से क्रिकेट खेलना शुरू किया। शुरुआत में वह तेज गेंदबाज थे, लेकिन हैमस्ट्रिंग इंजरी के बाद उन्होंने लेग स्पिन को अपना लिया और खुद अभ्यास करके अपनी गेंदबाजी को निखारा। इस दौरान उन्होंने शेन वॉर्न को अपना आदर्श मानकर उनके वीडियो से सीख ली।

अपने करियर में उन्हें कई बार रिजेक्शन और निराशा झेलनी पड़ी। 25 साल की उम्र में उन्हें यह तक कहा गया कि वह अब क्रिकेट के लिए काफी बड़े हो चुके हैं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और घरेलू क्रिकेट के साथ-साथ श्रीलंका और इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट खेलकर खुद को लगातार बेहतर बनाया। इस दौरान इमरान ताहिर जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ काम करने से उनकी गेंदबाजी और मजबूत हुई।

2017 में डेब्यू करने के बाद उन्होंने अब तक फर्स्ट क्लास, लिस्ट-ए और T20 मिलाकर सिर्फ 30 मैच खेले हैं। रणजी ट्रॉफी में 12 मैचों में 57 विकेट लेकर उन्होंने अपनी पहचान बनाई।

ट्रायल में पहले हुए थे असफल, आठ साल बाद मिला दोबारा मौका

दिलचस्प बात यह रही कि जिस मुंबई इंडियंस के ट्रायल में वह पहले असफल हुए थे, उसी टीम ने उन्हें करीब आठ साल बाद दोबारा मौका दिया। इस बार वह एक बदले हुए और ज्यादा अनुभवी खिलाड़ी के रूप में लौटे। 2025 में मुंबई इंडियंस ने उन्हें मिड-सीजन रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया था। इससे पहले वह टीम के नेट बॉलर के रूप में भी जुड़े रहे थे। लगातार मेहनत और धैर्य ने आखिरकार उन्हें 15 साल बाद IPL का बड़ा मंच दिला दिया और अब पहला विकेट उनके करियर का यादगार पल बन गया है।

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