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‘छत्तीसगढ़ ल छांव करे बर मंय छानही बन जातेंव’ के रचियता कवि केदार सिंह परिहार का निधन, साहित्य जगत में छाया शोक, जानिए उनका जीवन परिचय…

6 months ago
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मुंगेली। छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू को अपनी रचनाओं में समेटने वाले जनकवि केदार सिंह परिहार का आज सुबह निधन हो गया. अपनी कालजयी पंक्तियाँ “छत्तीसगढ़ ल छांव करे बर मंय छानही बन जातेंव” की वजह से छत्तीसगढ़वासियों के दिलों में राज करने वाले कवि के निधन से प्रदेश के साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में गहरा शोक छा गया है.

केदार सिंह परिहार का उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर 1 बजे उनके गृहग्राम केसतरा में संपन्न होगा. वे हरि सिंह, विनिया सिंह एवं प्रतिज्ञा सिंह के पिता थे. उनका जाना न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे साहित्यिक जगत और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है.

जीवन परिचय

मुंगेली जिला के पलानसरी गांव में 7 मार्च 1952 को भागवत सिंह परिहार और अंबिका देवी परिहार के घर में जन्म लेने वाले केदार सिंह परिवार ने मुंगेली से बीएम और जांजगीर से एलएलबी किया था.

साहित्यिक योगदान

छत्तीसगढ़ कविताओं को अपना भावना व्यक्त करने का माध्यम बनाने वाले केदार सिंह का 1972 में लिखा गया प्रसिद्ध गीत
“छत्तीसगढ़ ल छांव करे बर मंय छानही बन जातेंव” आज भी लोक गीत की तरह घर-घर में गूंजता है. उन्होंने 400 से अधिक गीत और कविताएं लिखीं. इसके अलावा फिल्म “किसान-मितान” और “इही हे राम कहानी” के लिए गीत भी लिखे. लोकभाषा में रचना करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ी को जनभाषा के रूप में सशक्त किया. उन्होंने कविता मंचों पर कभी पारिश्रमिक नहीं लिया, हमेशा जनसेवा की भावना से जुड़े रहे.

देशी टॉक में सम्मानित

वर्ष 2024 में कवि केदार सिंह परिहार को Desi Talk कवि सम्मेलन के मंच पर “छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया था. यह आयोजन Lalluram.com और न्यूज़ 24 एमपी/छग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था. मंच पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय व उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उन्हें सम्मानित किया था.

सामाजिक और राजनीतिक योगदान

केदार सिंह परिहार केवल साहित्य में ही नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक योगदान के लिए भी याद किए जाएंगे. वे ग्राम पंचायत टिंगीपुर के दो बार सरपंच रहे. इसके साथ मुंगेली कृषि उपज मंडी बोर्ड के अध्यक्ष तथा मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड के सदस्य के रूप में सेवा दी. इसके साथ-साथय़ छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सदस्य के रूप में छत्तीसगढ़ी भाषा के व्याकरण निर्माण में योगदान दिया.

उप मुख्यमंत्री शर्मा और मंत्री केदार कश्चप ने दी श्रद्धांजलि

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और मंत्री केदार कश्यप ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में केदार सिंह परिहार के निधन की जानकारी देते उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. उप मुख्यमंत्री शर्मा ने उनकी प्रसिद्ध पक्तियों को उद्धत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और आत्मा को अपने शब्दों में जीवंत करने वाले सुप्रसिद्ध कवि केदार सिंह परिहार जी अब हमारे बीच नहीं रहे. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और शोकाकुल परिवार को इस गहन दुःख को सहने की शक्ति दें.

 

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