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- माओवादियों ने 2 ग्रामीणों को उतारा मौत के घाट, उप मुख्यमंत्री साव ने की कड़ी निंदा, बोले- बौखलाहट में नक्सली कर रहे कायराना हरकत
माओवादियों ने 2 ग्रामीणों को उतारा मौत के घाट, उप मुख्यमंत्री साव ने की कड़ी निंदा, बोले- बौखलाहट में नक्सली कर रहे कायराना हरकत

बीजापुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक बार फिर कायराना करतूत को अंजाम दिया है. पुलिस मुखबिरी के आरोप में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की निर्मम हत्या कर दी. घटना तर्रेतम थाना क्षेत्र के छुटवाई गांव की है. हत्या की जिम्मेदारी स्मॉल एक्शन जगरगुंडा एरिया कमेटी ने ली है. उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने इस घटना की निंदा की और कहा कि नक्सली बौखलाहट में कायराना हरकत कर रहे हैं.
इस घटना की उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद अब अपने अंतिम समय पर है. बौखलाहट में आकर नक्सली कायराना हरकत कर रहे हैं. सुरक्षा बल पूरी सावधानी और सजगता से कार्रवाई कर रहे हैं. नक्सलियों के इस कायराना करतूत से बस्तर की जनता डरने वाली नहीं है.
जानकारी के मुताबिक, घटना रविवार देर रात की है. इस घटना में मारे गए ग्रामीणों की पहचान 55 वर्षीय कवासी जोगा और 50 वर्षीय मंगलू कुरसम के रूप में हुई है. 4-5 अज्ञात नक्सली ने उनके घरों से बाहर बुलाकर लाए फिर सरेआम निर्मम हत्या की वारदात को अंजाम दिया. इलाके में दहशत का माहौल है.
इस नक्सली संगठन ने ली जिम्मेदारी
ग्रामीणों की हत्या की वारदात की जिम्मेदारी कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) जगारगुंडा एरिया कमेटी ने ली है. हत्या के बाद घटनास्थल से पर्ची मिली है, जिसमें बताया गया कि कुरसम मंगलू पुलिस मुखबिरी में शामिल है. कई बार उसे समझाइश दी गई. लेकिन नहीं मानने पर अब मौत की सजा दी गई. बताया जा रहा है कि कुरसाम मंगलू का बेटा नंदू पहले ही सरेंडर कर चुका है. घटना के समय नंदू घर पर मौजूद नहीं था. आशंका है कि माओवादी उसकी तलाश में आए थे, लेकिन जब वह नहीं मिला, तो उन्होंने उसके पिता कुरसाम मंगलू की हत्या कर दी.